यूपी के 69 जिलों में आंधी-बारिश और 24 जिलों में ओले गिरने का अलर्ट है। जबकि 32 जिलों में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। मौसम विभाग ने 28 से 31 मई के बीच प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। 28 मई, गुरुवार को पश्चिमी यूपी के 24 जिलों में ओले गिर सकते हैं। पूर्वी यूपी में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जो झोंकों में बढ़कर 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है। आंधी-बारिश से तापमान में 6-8°C तक की गिरावट आ सकती है। वहीं, बुंदेलखंड में बांदा 47.8°C के साथ सबसे गर्म शहर रहा। झांसी में सड़कों को ठंडा रखने के लिए पानी की बौछारें डाली गईं। अयोध्या में चलते-चलते ऑटो में आग लग गई। यात्रियों ने कूदकर अपनी जान बचाई। लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी व अरब सागर से आ रही नम हवाओं के प्रभाव से प्रदेश का मौसम तेजी से बदल रहा है। इसके चलते व्यापक स्तर पर बारिश और तेज आंधी की स्थिति बन रही है।मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को अगले एक सप्ताह तक लू और झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। 2 तस्वीरें देखिए- मौसम विभाग ने 29 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्रों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। कुछ स्थानों पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। फिलहाल बृहस्पतिवार को बुंदेलखंड और प्रयागराज क्षेत्र में लू और तेज तपिश का असर बना रह सकता है। अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम ? बिना किसी विक्षोभ और नौतपा के बीच बारिश कैसे?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यूपी में पिछले कुछ दिनों से तापमान बहुत ज्यादा है। तेज गर्मी के कारण जमीन और ऊपरी हवा के तापमान में बड़ा अंतर बन गया है। इसके अलावा पूर्वी यूपी से लेकर छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ लाइन (कम दबाव का क्षेत्र बनाने वाली एक काल्पनिक रेखा) सक्रिय है। दक्षिण बिहार के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना है। एक मौसमी सिस्टम जम्मू-कश्मीर और उसके आसपास के इलाकों के ऊपर भी एक्टिव है। इस वजह से यूपी में मौसम बदल गया है। आंधी-तूफान और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। यूपी में मानसून में कम बारिश होगी, वजह जानिए
जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश में भी सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है। पिछले साल 10 से 15% ज्यादा बरसा था मानसून
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 2025 के मानसून सीजन (जून से सितंबर) के दौरान औसतन 870 से 900 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यह सामान्य मानसूनी औसत से करीब 10 से 15 प्रतिशत अधिक रही। लू लगने से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
गर्मी में सिर्फ धूप से बचना ही काफी नहीं है, बल्कि सही आदतें अपनाना भी उतना ही जरूरी है। थोड़ी-सी सावधानी लू जैसी गंभीर समस्या से बचा सकती है। बाहर जाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखिए
तेज गर्मी में घर से निकलने से पहले की गई छोटी-छोटी गलतियां लू का खतरा कई गुना बढ़ा सकती हैं। शरीर को अचानक हीट एक्सपोजर देने या गलत खान-पान के साथ बाहर निकलने से ओवरहीटिंग और डीहाइड्रेशन तेजी से हो सकता है। नौतपा में घर से निकलते हुए सावधान: ये 7 चीजें साथ रखें, 11 सावधानियां जरूर बरतें नौतपा के 9 दिनों के दौरान तापमान 40-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। लोगों को रोजमर्रा के काम, ऑफिस या जरूरी जिम्मेदारियों के कारण बाहर निकलना ही होता है। लेकिन जरा सी लापरवाही से डीहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, थकान, कमजोरी और चक्कर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें
यूपी के 69 जिलों में बारिश का अलर्ट:24 जिलों में ओले गिरेंगे, प्रदेश में 4 दिन बाद आएगा प्री-मानसून; बांदा सबसे गर्म शहर रहा
