आपत्तिजनक पोस्ट पर थाने का घेराव:पुलिस पर पथराव के बाद लाठीचार्ज उपद्रवियों को दौड़ा दौड़ाकर खदेड़ा

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सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में गुरुवार रात खंडवा का मोघट रोड थाना रणक्षेत्र बन गया। करीब 200 लोगों की भीड़ ने थाने का घेराव कर आरोपी प्रभाकर शिंदे की गिरफ्तारी और उसके घर पर बुलडोजर चलाने की मांग को लेकर हंगामा किया। पुलिस की होली के कारण थाने में शुरुआत में महज 6-7 पुलिसकर्मी ही तैनात थे, जिसका फायदा उठाकर भीड़ उग्र हो गई। प्रदर्शनकारियों ने न केवल पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की, बल्कि मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। हालात बिगड़ते देख शहर के 6 थानों का बल और सशस्त्र बटालियन बुलाई गई। जब अधिकारियों ने भीड़ को हटाने का प्रयास किया, तो उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें सिपाही अबरार खान घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए लाठीचार्ज किया और उपद्रवियों को गलियों में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान भागती भीड़ ने रास्ते से गुजर रही युवती ऋषिका विश्वकर्मा पर भी हमला कर उसे घायल कर दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रभाकर शिंदे को गिरफ्तार कर लिया है और पथराव करने वालों की वीडियो के आधार पर पहचान की जा रही है। पूरे शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया और भारी पुलिस बल तैनात है। कम्युनिकेशन गैप: एक घंटे तक जूझते रहे चंद सिपाही
पुलिस की होली होने के कारण अधिकांश बल व्यस्त था। थाने में जब 200 लोगों की भीड़ घुसी, तब वहां केवल एक एसआई और 6 सिपाही मौजूद थे। थाना प्रभारी से धक्का-मुक्की और चक्काजाम के दौरान बैकअप फोर्स पहुंचने में एक घंटा लग गया। जैसे ही अतिरिक्त बल पहुंचा, पुलिस लाइन में सायरन बजाकर सभी की छुट्टियां रद्द कर दी गईं। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए स्थिति पर काबू पाया। युवती को घेरा, मारपीट में आंख में आई चोट
पुलिसिया कार्रवाई के दौरान भागते उपद्रवियों ने अपनी खुन्नस राहगीरों पर निकाली। दुबे कॉलोनी निवासी ऋषिका विश्वकर्मा जब स्कूटर से अपनी बुआ के घर जा रही थीं, तब भीड़ ने उन्हें घेरकर मारपीट की। हमले में ऋषिका की आंख में गंभीर चोट आई है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर अज्ञात दंगाइयों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।