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ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने शहीद दिवस रैली के लिए कोलकाता पुलिस से मांगी अनुमति

INT News27 June 2026 at 09:58 pm

खास बातें

पुलिस आयुक्त से मांगी अनुमति : डोला सेन

शहीद दिवस रैली के लिए कुछ घंटे बंद कर सकते हैं यातायात

Mamata Banerjee TMC Brigade Rally: 1993 से है शहीद दिवस का संबंध

युवा कांग्रेस के 13 कार्यकर्ताओं की हुई थी मौत

1998 से शहीद दिवस मना रही है तृणमूल कांग्रेस

Mamata Banerjee TMC Rally: मध्य कोलकाता में 21 जुलाई को होने वाली तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली के लिए पुलिस की अनुमति न मिलने की अटकलों के बीच, पार्टी ने शनिवार को कोलकाता पुलिस को पत्र लिखकर विक्टोरिया हाउस के सामने जनसभा करने की मंजूरी मांगी. पुलिस ने इस अनुरोध पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

पुलिस आयुक्त से मांगी अनुमति : डोला सेन

तृणमूल सांसद डोला सेन ने कहा- हमने कोलकाता पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर पार्टी का शहीद दिवस कार्यक्रम उसी जगह पर आयोजित करने की अनुमति मांगी है, जहां हम पिछले कुछ दशकों से इसे आयोजित करते आ रहे हैं. हमारी नेता ममता बनर्जी उस सभा में हमारे कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगी, जैसा कि वह पिछले वर्षों में करती रही हैं.

शहीद दिवस रैली के लिए कुछ घंटे बंद कर सकते हैं यातायात

टीएमसी नेता ने कहा- यह हमारी पार्टी का सबसे प्रमुख कार्यक्रम है और अब यह हमारी सामाजिक-राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा बन गया है. डोला सेन ने कहा कि अगर सरकार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मध्य कोलकाता की मशहूर सड़क ‘रेड रोड’ को 7 दिन तक बंद रख सकती है, तो यही नियम ‘शहीद दिवस’ की रैली के लिए भी लागू होना चाहिए, जब उसी इलाके की एक सड़क कुछ घंटे यातायात के लिए बंद रहेगी.

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Mamata Banerjee TMC Brigade Rally: 1993 से है शहीद दिवस का संबंध

21 जुलाई की ‘शहीद दिवस’ रैली का संबंध 1993 में हुई एक घटना से है, जब ममता बनर्जी के नेतृत्व में तत्कालीन बंगाल युवा कांग्रेस के समर्थकों ने राज्य सचिवालय ‘राइटर्स बिल्डिंग’ तक मार्च किया था. उनकी मांग थी कि वोट डालने के लिए मतदाता पहचान पत्र को ही पहचान का एकमात्र सबूत माना जाये.

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युवा कांग्रेस के 13 कार्यकर्ताओं की हुई थी मौत

पुलिस के साथ झड़प के बाद यह प्रदर्शन हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें युवा कांग्रेस के 13 समर्थक मारे गये और कई अन्य घायल हो गये. यह घटना बनर्जी के राजनीतिक करियर का एक अहम मोड़ और उस समय की वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक बन गयी.

1998 से शहीद दिवस मना रही है तृणमूल कांग्रेस

वर्ष 1998 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना के बाद, बनर्जी ने 21 जुलाई के दिन को शहीद दिवस के तौर पर स्थापित किया और 1993 की गोलीबारी में मारे गये लोगों की याद में कोलकाता में हर साल एक बड़ी रैली आयोजित करने की शुरुआत की.

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