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मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला हुआ नक्सल मुक्त:7 नक्सल पीड़ितों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिलेगी सरकारी नौकरी
छत्तीसगढ़ सरकार की नई पुनर्वास नीति 2025 के तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में नक्सल पीड़ितों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए अहम फैसले लिए गए हैं। जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की बैठक में 5 नक्सल पीड़ितों और 2 आत्मसमर्पित नक्सलियों समेत कुल 7 लोगों को सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही एक पीड़ित परिवार को जीवन-यापन के लिए 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी दी गई है। यह निर्णय 24 जून को कलेक्टर सभागार में आयोजित जिला स्तरीय नक्सल पीड़ित एवं आत्मसमर्पित नक्सलवादी पुनर्वास समिति की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर तूलिका प्रजापति ने की। इसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाय. पी. सिंह, जिला वनमंडलाधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक आयुक्त और जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। समिति ने सभी प्राप्त आवेदनों पर विचार करते हुए यह फैसला लिया, जिसका उद्देश्य प्रभावितों के जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता लाना है। बैठक के दौरान, जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला 31 मार्च को पूर्ण रूप से नक्सल मुक्त हो चुका है। प्रशासन और जिला पुलिस के समन्वित प्रयासों से क्षेत्र में शांति, विकास और विश्वास का माहौल मजबूत हो रहा है। कलेक्टर ने नक्सल पीड़ितों से किया संवाद कलेक्टर ने नक्सल पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद किया और उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पीड़ितों के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों को शीघ्र लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शासन की पुनर्वास नीति का मुख्य उद्देश्य हिंसा का मार्ग छोड़कर विकास की राह अपनाने वाले आत्मसमर्पित माओवादियों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना है। पुलिस की अपील- अवैध वसूली की तुरंत दें सूचना जिला पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति खुद को नक्सली या किसी प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा बताकर डराता है या अवैध वसूली करता है, तो इसकी तुरंत जानकारी पुलिस को दें। पुलिस ने कहा है कि ऐसी सूचना नजदीकी थाने, जिला पुलिस कार्यालय या कंट्रोल रूम में फोन करके दी जा सकती है। पुलिस ने यह भी भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।