समाचार · छत्तीसगढ़
महापौर के निरीक्षण के बाद भी नहीं बदले हालात:विपक्ष ने कहा- सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति, ऐसे में जलभराव से कैसे बचेगा शहर?
रायपुर के सिविल लाइन वार्ड स्थित भावे नगर नाले की सफाई को लेकर एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नाले की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। आकाश तिवारी ने कहा कि करीब 15 दिन पहले महापौर मीनल चौबे स्वयं भावे नगर नाले का निरीक्षण करने पहुंची थीं। उस दौरान स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया गया था कि नाले की पूरी तरह सफाई कराई जाएगी, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या न हो। लेकिन 15 दिन बाद भी हालात में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा है। स्थानीय लोगों की शिकायत पर मौके पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि नाले में केवल ऊपर-ऊपर की सफाई की गई है। नाले से निकला कचरा दोबारा जमा हो गया है और कई जगह पानी का बहाव भी प्रभावित हो रहा है। अच्छी तरह सफाई होती तो नहीं रुकता पानी आकाश तिवारी ने कहा कि यदि नाले की गहराई तक सफाई की गई होती तो पानी का प्रवाह लगातार बना रहता। लेकिन वर्तमान स्थिति देखकर साफ लगता है कि सफाई अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी और महापौर परिषद नालों की सफाई को लेकर गंभीर नहीं हैं। बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर तैयारियां पर्याप्त दिखाई नहीं दे रही हैं। जलभराव को लेकर जताई चिंता नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राजधानी में हर साल बारिश के दौरान जलभराव बड़ी समस्या बनकर सामने आता है। यदि अभी भी नालों की प्रभावी सफाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से नालों की दोबारा व्यापक सफाई कराने और मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।