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खेड़ा जिले के कपडवंज में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 6 श्रमिक घायल

10 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी गूंज, स्थानीय लोगों में भय का माहौल आणंद. खेड़ा जिले के कपडवंज में डंपिंग स्टेशन के सामने स्थित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में शनिवार सुबह लगभग 9 बजे भीषण विस्फोट होने के साथ ही आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 6 श्रमिक घायल हुए। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज घटनास्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास का इलाका भूकंप जैसे झटकों से दहल उठा। इससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल फैल गया। जानकारी के अनुसार, विस्फोट के साथ ही फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही आसपास के बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। बाद में पुलिस फायर ब्रिगेड की कई टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुटीं। करीब 6 श्रमिक घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल 108 एम्बुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल मलबा हटाकर युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे के नीचे कोई अन्य व्यक्ति फंसा न हो। लोगों का आरोप है कि यह पटाखा फैक्ट्री रिहायशी क्षेत्र और डंपिंग स्टेशन के पास अवैध रूप से लंबे समय से संचालित की जा रही थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फैक्ट्री किसकी थी और अब तक किन लोगों के संरक्षण में अवैध रूप से संचालित हो रही थी। स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। कपडवंज शहर कांग्रेस अध्यक्ष नितिन पटेल ने कहा कि कपडवंज के इतिहास में पहली बार इतना बड़ा और भयावह विस्फोट हुआ। उनके अनुसार, घटना को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यहां केवल पटाखे ही नहीं बल्कि कोई अन्य खतरनाक विस्फोटक पदार्थ भी तैयार किया जा रहा था। प्रांत अधिकारी अनिल झाला ने बताया कि घटना के समय फैक्ट्री में 5-6 श्रमिक काम कर रहे थे। इनमें से दो श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए नडियाद और अहमदाबाद के अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक जांच में पता चला है कि फैक्ट्री में फुलझड़ियां बनाने का काम चल रहा था। फैक्ट्री के मालिक का उपनाम पटेल बताया गया है। हालांकि यह फैक्ट्री कब से संचालित हो रही थी, इसकी जानकारी फिलहाल प्रशासन के पास नहीं है। कपडवंज के विधायक राजेश झाला ने बताया कि विस्फोट की सूचना मिलते ही उन्होंने प्रशासन से जानकारी ली और बाद में स्वयं घटनास्थल का दौरा किया। उनके अनुसार, फैक्ट्री में उस समय 17 लोग काम कर रहे थे, जिनमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री के पास लाइसेंस नहीं पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।