Sunday, 28 June 2026
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पिपलियामंडी कृषि उपज मंडी में 32 नई दुकानों का लोकार्पण:किसानों-व्यापारियों को मिलेगा सीधा लाभ, भुगतान होगा सुगम

INT News28 June 2026 at 09:25 pm

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने रविवार को पिपलियामंडी कृषि उपज मंडी में 1.77 करोड़ रुपये की लागत से बनी 32 नई दुकानों का लोकार्पण किया। इन दुकानों का उपयोग व्यापारी किसानों की उपज का भुगतान करने के लिए कैश काउंटर के तौर पर करेंगे, जिससे भुगतान प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और सुगम हो सकेगी। लोकार्पण समारोह में लोकसभा सांसद सुधीर गुप्ता, जिला योजना समिति सदस्य राजेश दीक्षित, अन्य जनप्रतिनिधि, मंडी व्यापारी संघ के पदाधिकारी, व्यापारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि इन 32 दुकानों से किसानों और व्यापारियों दोनों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने पिपलियामंडी कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित करने की बात कही और बताया कि मंडी की सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मंडी के विकास के लिए भेजे गए 2.5 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को जल्द स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जाएगा। देवड़ा ने आगे कहा कि प्रदेश की मंडियां लगातार आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रही हैं। उन्होंने दिसंबर 2026 तक गांधी सागर का पानी हर खेत तक पहुंचाने के लक्ष्य का भी जिक्र किया, जिस पर तेजी से काम चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में से एक बन गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक देश से गरीबी खत्म करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। सुधीर गुप्ता ने जानकारी दी कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में 500 मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं और 25 एम्स संचालित हो रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना से लाखों लोगों को जीवनरक्षक उपचार का लाभ मिल रहा है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का कम उपयोग कर प्राकृतिक खेती अपनाने की भी अपील की। सवालों के घेरे में 1.77 करोड़ के कैश काउंटर पिपलियामंडी कृषि उपज मंडी में 23 वर्ष पुराने किसान शेड पर 1.77 करोड़ रुपये की लागत से बने 32 कैश काउंटरों के लोकार्पण के बाद अब कई सवाल उठ रहे हैं। जर्जर भवन पर निर्माण, नई मंडी बनने के बावजूद पुराने परिसर में करोड़ों का निवेश और नीलामी के बजाय टोकन सिस्टम से आवंटन को लेकर विवाद गहरा गया है। मंडी सचिव का दावा है कि निर्माण से पहले तकनीकी परीक्षण व सभी आवश्यक स्वीकृतियां ली गईं, जबकि किसान नेता श्यामलाल जोकचन्द ने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।