समाचार · छत्तीसगढ़
200 करोड़ के अस्पताल पर कांग्रेस का सवाल:सुविधाओं का अभाव, मरीज रेफर; निजीकरण पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
बिलासपुर के कोनी स्थित 200 करोड़ रुपए की लागत से बने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेता विजय केशरवानी ने कहा है कि प्रधानमंत्री के लोकार्पण और मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बावजूद अस्पताल पूरी क्षमता से शुरू नहीं हो पाया है। केशरवानी ने आरोप लगाया कि अस्पताल का विशाल भवन तैयार है, लेकिन मरीजों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ नहीं है। इसके अतिरिक्त, ऑक्सीजन प्लांट, कैथ लैब और 24 घंटे की इमरजेंसी जैसी जरूरी व्यवस्थाएं भी पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। गंभीर मरीजों को आज भी सिम्स, जिला अस्पताल या अन्य संस्थानों में रेफर किया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने यह भी बताया कि दोपहर बाद अस्पताल में गतिविधियां लगभग बंद हो जाती हैं। भर्ती मरीजों के लिए भोजन और बेहतर एंबुलेंस जैसी सुविधाओं का भी अभाव है। केशरवानी ने आशंका जताई कि सरकार इस अस्पताल को पीपीपी मॉडल पर निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। उन्होंने सरकार से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि निजीकरण का प्रयास किया गया तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।