समाचार · छत्तीसगढ़
अंबिकापुर महापौर का वायरल आडियो, अजाक थाने पहुंचे कांग्रेसी:आडियो की जांच कराने की मांग, थाना प्रभारी बोले-हमारे क्षेत्राधिकार में नहीं
अंबिकापुर नगर निगम की भाजपा महापौर मंजूषा भगत पर मीना बाजार लगाने के नाम पर कथित रूप से 3 लाख रुपये लेने के वायरल आडियो की जांच की मांग कांग्रेस ने की है। मामले की शिकायत मंजूषा भगत ने अजाक थाने में की थी। नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद सहित कांग्रेसी शनिवार को अजाक थाने पहुंचे और जांच की मांग की। अजाक थाना पहुंचकर कांग्रेसियों ने थाना प्रभारी डीएसपी से मुलाकात की और वायरल आडियो की जांच कराने की मांग रखी। अजाक डीएसपी ने कांग्रेसियों से कहा कि यह मामला उनके क्षेत्राधिकार का नहीं है। नेता प्रतिपक्ष सहित कांग्रेसी मामले को लेकर रविवार को सरगुजा एसपी से मुलाकात करेंगे। दरअसल, अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत पर मीना बाजार लगाने की अनुमति दिलाने के एवज में 3 लाख लेने का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मेयर ने इस ऑडियो को फर्जी बताया है। सोमवार को मेयर अजाक थाने पहुंचीं। ऑडियो बनाने के साथ उसे वायरल करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने नहीं लिखी एफआईआर, कहा-क्षेत्राधिकार का नहीं
अजाक थाने में शिकायत करने पहुंची महापौर मंजूषा भगत मीडिया से बात करते हुए रोने लगीं और उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ षडयंत्र रचा जा रहा है। वे आदिवासी महिला हैं इसलिए ऐसा किया जा रहा है। कथित आडियो मीना बाजार के ठेकेदार अनुराग मिश्रा द्वारा जारी किया गया है, जिसमें भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया और महापौर मंजूषा भगत पर अवैध वसूली करने का आरोप है। ऑडियो कुछ दिन पुराना बताया है। आजाक डीएसपी ने कांग्रेसियों को बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। यह आवेदन उनके क्षेत्राधिकार में नहीं है। कांग्रेस को कर रहे बदनाम, SP से करेंगे मुलाकात
कांग्रेस दल से चर्चा के बाद आजाक थाना प्रभारी इस मामले को पुलिस अधीक्षक को तत्काल वापस कर क्षेत्राधिकार वाले थाने में विवेचना हेतु अग्रेषित करने सहमत हुए। कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल मामले को लेकर रविवार 28 मई को 12 बजे एसपी से मुलाकात करेगा। नेता प्रतिपक्ष शफ़ी अहमद ने कहा है कि शहर के प्रथम नागरिक के आवेदन पर कार्रवाई के लिए हमने कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि यह इल्जाम लगाना कि कांग्रेस महापौर को बदनाम कर रही है, गलत है। भाजपा प्रशाषित निगम और उसके पदाधिकारी स्वयं ही बदनामी बटोर रहे हैं।