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झारखंड में पल्स पोलियो अभियान का आगाज, पहले दिन बूथों पर उमड़े बच्चे, अब घर-घर दस्तक

रांची से राजीव पांडेय की रिपोर्ट
Jharkhand Pulse Polio Abhiyan, रांची : पल्स पोलियो अभियान के तहत पूरे झारखंड में रविवार से तीन दिवसीय विशेष पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम की भव्य शुरुआत हो गई है. अभियान के पहले दिन शून्य से पांच वर्ष तक के हजारों नौनिहालों को पोलियो रोधी दवा की खुराक दी गई. राजधानी रांची के पुरुलिया रोड स्थित सदर अस्पताल में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान रांची की मेयर रोशनी खलखो, रांची के वरिष्ठ विधायक सीपी सिंह और अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने संयुक्त रूप से बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाकर इस राज्यव्यापी महाअभियान का विधिवत शुभारंभ किया. झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने इस तीन दिवसीय अभियान के दौरान राज्य भर के करीब 61 लाख से अधिक बच्चों को इस जानलेवा बीमारी के खिलाफ सुरक्षा कवच देने का एक बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है.
बस स्टैंड से लेकर रेलवे स्टेशन तक बने 24,507 बूथ
अभियान के पहले दिन रविवार को पूरे राज्य में व्यापक इंतजाम देखे गए. स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार किए गए कुल 24,507 बूथों पर सुबह से ही माता-पिता अपने बच्चों को लेकर पहुंचे. आम लोगों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों, प्रमुख बाजारों, स्कूल परिसरों और विभिन्न सार्वजनिक एवं संवेदनशील स्थानों पर विशेष ट्रांजिट बूथ बनाए गए थे, ताकि सफर कर रहे बच्चे भी दवा से वंचित न रहें. अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि देश में वर्ष 1995 से यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है. रविवार को बूथ स्तर पर काम पूरा होने के बाद, अब सोमवार और मंगलवार को स्वास्थ्यकर्मियों की टीमें घर-घर जाकर दस्तक देंगी. इस ‘डोर-टू-डोर’ नॉक के जरिए उन बच्चों को खोजकर पोलियो की खुराक दी जाएगी जो रविवार को किसी कारणवश बूथ तक नहीं आ सके थे.
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विधायक सीपी सिंह बोले- ‘सदर अस्पताल को और बेहतर बनाना है’
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक सीपी सिंह ने कहा कि पल्स पोलियो अभियान के माध्यम से हमारे बच्चों को सुरक्षित भविष्य दिया जा रहा है. उन्होंने रांची सदर अस्पताल की तारीफ करते हुए कहा कि वर्तमान में इस अस्पताल में आम जनता को काफी बेहतर इलाज मिल रहा है. हमारा प्रयास होना चाहिए कि यहां की स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ किया जाए, जिससे गरीब मरीजों की बड़े या निजी चिकित्सा संस्थानों पर निर्भरता पूरी तरह खत्म हो सके. इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार, राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. विजय किशोर रजक, उपाधीक्षक डॉ. विमलेश कुमार सिंह सहित डॉ. अमरेंद्र और डॉ. असीम कुमार मांझी जैसे कई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे.
स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण से देश हुआ पोलियो मुक्त: मेयर रोशनी खलखो
वहीं, रांची की मेयर रोशनी खलखो ने देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका को सराहा. उन्होंने कहा कि भारत आज तकनीकी रूप से जरूर पोलियो मुक्त घोषित हो चुका है, लेकिन इस ऐतिहासिक उपलब्धि को स्थायी रूप से कायम रखने के लिए समय-समय पर ऐसे एहतियाती अभियान चलाना बेहद जरूरी है. हमारे डॉक्टरों, एएनएम और सहिया जैसी स्वास्थ्यकर्मियों के कड़े समर्पण और मेहनत के बदौलत ही देश इस मुकाम पर पहुंच पाया है. उन्होंने जानकारी दी कि रविवार को सदर अस्पताल के अलावा जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और नव-निर्मित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दवा पिलाई गई.
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