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आयरलैंड के लिए खेलते ही छाया राजस्थान का 'सुपरस्टार', डेब्यू के बाद माँ की बात ने जीता सबका दिल

Rajasthan Superstar Debut Ireland: भारत और आयरलैंड के बीच हुए पहले टी20 मुकाबले में भले ही टीम इंडिया के युवा खिलाड़ियों को डेब्यू का अवसर न मिला हो, लेकिन आयरलैंड की ओर से मैदान पर उतरे भारतीय मूल के तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने अपनी गेंदबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. राजस्थान के टोंक जिले के रहने वाले जय ने अपने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर शानदार प्रदर्शन किया. इस ऐतिहासिक उपलब्धि और बेटे के शानदार प्रदर्शन पर अपनी भावनाओं को साझा करते हुए जय की मां, विद्या मूंदड़ा, ने बड़े भावुक शब्दों में अपनी खुशी जाहिर की है.
#WATCH | Tonk, Rajasthan: Jai Moondra's mother, Vidya Moondra says, "…I am sad that India lost but my son performed so well and brought laurels to his family, Rajasthan and country. I am proud of him. He picked 2 wickets. Everyone who ever watched him play used to tell us to… pic.twitter.com/uhuZY0vFui
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) June 27, 2026
टोंक में जश्न का माहौल
जैसे ही बेलफ़ास्ट में जय मूंड्रा ने अपनी जादुई गेंदबाजी का प्रदर्शन किया, उनकी तस्वीरें टोंक से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं. उनके परिवार ने घर पर ही मैच का सीधा प्रसारण देखा और अपने बेटे की इस कामयाबी का जमकर जश्न मनाया. मां विद्या मूंद्रा ने बेटे की मेहनत पर गर्व जताते हुए कहा कि यह सब उसके अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण का परिणाम है.
बचपन से ही था क्रिकेट का जुनून
जय की मां, विद्या मूंदड़ा ने अपने बेटे की इस उपलब्धि पर खुशी और गर्व व्यक्त किया. उन्होंने बताया कि जय की प्रतिभा को देखकर लोग बचपन से ही उनसे कहते थे कि इसे क्रिकेटर बनाना चाहिए. वे कहती हैं, “मैं उदास जरूर हूं कि भारत मैच हार गया, लेकिन मेरे बेटे ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसने परिवार, राजस्थान और देश का नाम रोशन किया है. मुझे उस पर गर्व है. उसने मैच में 2 विकेट चटकाए.”
जय मूंदड़ा की सफलता के पीछे का अनुशासन
जय मूंदड़ा की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे वर्षों का कठोर अनुशासन और स्पष्ट विजन है. उनकी मां, विद्या मूंदड़ा ने इस पर बात करते हुए बताया कि जय की राह में शिक्षा और खेल का संतुलन हमेशा सर्वोपरि रहा.
शिक्षा को दी पहली प्राथमिकता
विद्या मूंदड़ा के अनुसार, 10वीं कक्षा के बाद से ही जय ने अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित कर लिया था. उनके पिता की यह स्पष्ट सोच और सलाह थी कि पहले अपनी शैक्षणिक डिग्री पूरी की जाए, ताकि भविष्य सुरक्षित रहे. परिवार की इस सीख को जय ने न केवल आदरपूर्वक स्वीकार किया, बल्कि पूरी गंभीरता से निभाया भी.
जय मूंदड़ा का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने का सफर
28 वर्षीय जय मूंदड़ा की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है. साल 2021 में, जय पढ़ाई के लिए स्टूडेंट वीज़ा पर आयरलैंड गए थे. वहां M.Tech की डिग्री हासिल करने के दौरान उन्होंने न केवल अपनी पढ़ाई पूरी की, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए नौकरी भी की. इन चुनौतियों के बीच भी उन्होंने अपने क्रिकेट प्रेम को जीवित रखा और स्थानीय स्तर पर खेलना जारी रखा. उनकी मेहनत रंग लाई और वर्ष 2025 में उन्हें आयरलैंड की नागरिकता प्राप्त हुई. अपनी आक्रामक गेंदबाज़ी और मज़बूत बल्लेबाज़ी के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और अंततः आयरलैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में जगह बना ली.
First international appearance. First delivery. First wicket.
Some introduction from Jai Moondra! 👏 #BackingGreen | #IREvIND | #FáilteSolar pic.twitter.com/nV6IfgWHpZ
— Cricket Ireland (@cricketireland) June 26, 2026
संजू और दुबे को बनाया अपना शिकार
अपनी आक्रामक गेंदबाज़ी से जय मूंड्रा ने मैच का रुख मोड़ दिया. उन्होंने भारतीय टीम के प्रमुख बल्लेबाज़ों (संजू सैमसन और शिवम दुबे) के विकेट झटककर भारतीय खेमे में खलबली मचा दी. भले ही यह जीत भारत के खिलाफ थी, लेकिन जय के व्यक्तिगत प्रदर्शन और उनकी धारदार गेंदबाजी ने दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों को प्रभावित किया.
भारतीय मूल के दूसरे खिलाड़ी
जय मूंदड़ा की यह सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि वे आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने वाले भारतीय मूल के दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं. उनसे पहले, पंजाब में जन्मे सिमी सिंह ने 2017 में आयरलैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था. अब जय मूंदड़ा ने भी इस सूची में अपना नाम दर्ज कराकर राजस्थान और भारत का मान बढ़ाया है.
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