Sunday, 28 June 2026
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पूर्व सांसद बोले-चावल घोटाले में एसआईटी नहीं CBI जांच जरूरी:वो भी हाईकोर्ट की निगरानी में हो, कहा- बालाघाट में 100 ट्रक चावल का गबन किया

INT News27 June 2026 at 09:14 pm

बालाघाट में एथेनॉल प्लांट के नाम पर हुए चावल घोटाले को लेकर पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने शनिवार शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) पर सवाल उठाए और सीबीआई (CBI) जांच की मांग की। पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच आरोपियों पर केस दर्ज किया है, जिनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन मुख्य आरोपी मिल मालिक गंभीर संचेती और उनका बेटा सौरभ संचेती अब भी फरार हैं। घोटाले में बीजेपी नेताओं और मिल मालिकों की मिलीभगत का आरोप कंकर मुंजारे ने आरोप लगाया कि जिले में एथेनॉल प्लांट के नाम पर सोची-समझी रणनीति के तहत चावल घोटाला किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि इस खेल में बीजेपी नेताओं और राइस मिल मालिकों की मिलीभगत है। मुंजारे ने कहा कि पुलिस केवल गाड़ी चालकों को पकड़कर खानापूर्ति कर रही है, जबकि मुख्य आरोपियों और मिल मालिकों पर कोई हाथ नहीं डाल रहा है। 100 ट्रक चावल गायब होने का दावा पूर्व सांसद ने इसे 'सबसे बड़ा घोटाला' बताते हुए कहा कि लगभग 100 ट्रक चावल का गबन किया गया है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को सुस्त बताया और डर जताया कि इस जांच को दबाया जा सकता है। मुंजारे का कहना है कि जब पुलिस के पास जब्त किए गए ट्रकों के नंबर हैं, तो वह आसानी से असली मालिकों का पता लगा सकती है, लेकिन ऐसा किया नहीं जा रहा है। हाईकोर्ट की देखरेख में सीबीआई जांच की मांग उन्होंने एसआईटी की जांच पर भरोसा न जताते हुए कहा कि इससे निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है। मुंजारे ने इस पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि राशन के चावल को एथेनॉल प्लांट को देने की सरकारी नीति सिर्फ बड़े व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है, जो सीधे तौर पर गरीबों के अनाज पर 'डाका' डालने जैसा है।