गंगा एक्सप्रेस-वे से मेरठ चमकेगा, उन्नाव की इंडस्ट्री डेवलप होगी:प्रतापगढ़ का आंवला-आम ज्यादा बिकेगा; 12 जिलों को होगा फायदा

Spread the love

यूपी में गंगा एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार है। 29 अप्रैल को पीएम मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। 594 किलोमीटर का यह एक्सप्रेस-वे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा। ये उन 12 जिलों की तस्वीर बदल देगा, जहां से गुजर रहा है। एक्सप्रेस-वे 11 घंटे के सफर को घटाकर 6 घंटे कर देगा। आज हम उन सभी 12 जिलों को होने वाले फायदे पर बात करेंगे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… गंगा एक्सप्रेस-वे से मेरठ को ज्यादा फायदा मेरठ यूपी के बड़े इंडस्ट्रियल शहरों में गिना जाता है। यहां खेल के सामान, रेडीमेट गारमेंट्स और चमड़े के प्रोडक्ट बनते हैं। अभी तक यहां का मेन मार्केट दिल्ली हुआ करता था। क्योंकि, दिल्ली से मेरठ की दूरी करीब 80 किमी है। गंगा एक्सप्रेस-वे बनने से अब यहां के प्रोडक्ट बुलंदशहर, शाहजहांपुर, लखनऊ, प्रयागराज और उसके आसपास के जिलों तक पहुंचेंगे। इससे व्यापारी और खरीदार दोनों को फायदा होगा। यहां मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग भी बढ़ेंगे। इससे हजारों नौकरियां पैदा होंगी। मेरठ में एक्सप्रेस-वे कुल 15 किलोमीटर लंबा है। इसकी शुरुआत बिजौली गांव से हुई है। एक्सप्रेस-वे बनने से आसपास की जमीन महंगी हो गई। जमीन का रेट ढाई हजार रुपए/स्क्वायर फीट से 6 हजार रुपए/स्क्वायर फीट पहुंच गया है। हापुड़ में लॉजिस्टिक क्लस्टर बनेगा गंगा एक्सप्रेस-वे 2011 में गाजियाबाद से टूटकर बने हापुड़ जिले को भी नई पहचान देगा। जिले में होम फर्निशिंग, स्टील, पेपर, लैमिनेटेड प्रोडक्ट, चावल और चीनी मिलें हैं। एक्सप्रेस-वे के जरिए यहां से पूर्वांचल तक बिजनेस करना आसान हो जाएगा। यहां इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर (IMLC) भी बनाया जाना है। यह ऐसा मॉडर्न ‘इंडस्ट्रियल टाउनशिप’ मॉडल है, जहां एक ही जगह सामान बनाने, उसे स्टोर करने और भेजने की सभी सुविधाएं मौजूद होंगी। बुलंदशहर के युवाओं को फायदा होगा बुलंदशहर में सरकार इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलप करने वाली है। इसके लिए गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे 120 हेक्टेयर जमीन चुनी गई है। इससे जो युवा रोजगार की तलाश में दिल्ली-गाजियाबाद जाते हैं, कॉरिडोर बनने से उन्हें अपने घर के आसपास ही रोजगार मिल जाएगा। बुलंदशहर से प्रयागराज तक सिर्फ एक ट्रेन है। इस एक्सप्रेस-वे से दोनों शहर के बीच कनेक्टिवटी बेहतर हो जाएगी। आने वाले वक्त में गंगा एक्सप्रेस-वे को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेस-वे बनाया जाएगा। इसका 80% हिस्सा बुलंदशहर में होगा। अमरोहा के गन्ने को नई पहचान मिलेगी अमरोहा में गन्ने की खेती ज्यादा होती है। एक्सप्रेस-वे शुरू होने से ट्रांसपोर्ट टाइम घटेगा। इससे व्यापारियों को नए शहरों में मार्केट मिलेगा। गन्ना दिल्ली, मेरठ और लखनऊ जैसे बड़े बाजारों तक जल्दी पहुंचेगा। सरकार एक्सप्रेस-वे के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और MSME यूनिट्स लगने की प्लानिंग कर रही है। इससे युवाओं को फायदा होगा। संभल के कल्कि विष्णु मंदिर जाना आसान होगा संभल हिंदू आस्था का पुराना शहर है। यहां भगवान कल्कि विष्णु मंदिर, मनोकामना मंदिर, गौरी सहाई मंदिर और चामुंडा माता मंदिर हैं। आसपास के जिलों से यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं। एक्सप्रेस-वे यहां आने वाले श्रद्धालुओं की राह आसान करेगा। इस जिले में लकड़ी के आइटम, मिट्टी के बर्तन और पीतल के प्रोडक्ट बनाए जाते हैं। पहले यहां के व्यापारी मुरादाबाद, दिल्ली या लोकल मार्केट में ही अपने सामान बेचते थे। गंगा एक्सप्रेस-वे शुरू होने से शाहजहांपुर, लखनऊ और प्रयागराज का मार्केट खुल जाएगा। बदायूं की 3 तहसीलों का शहरीकरण होगा बदायूं में गंगा एक्सप्रेस-वे बिसौली, बिल्सी और दातागंज की तहसील से होकर गुजर रहा है। इससे इन तहसीलों में शहरीकरण बढ़ेगा। दातागंज और वजीरगंज में इंटरचेंज बना है। एक्सप्रेस-वे के किनारे होने के कारण यहां कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और कोल्ड स्टोरेज बनाए जा रहे हैं। बदायूं मेंथा (पिपरमेंट) का बड़ा उत्पादक है। एक्सप्रेस-वे शुरू होने से किसान फसल को दिल्ली से लेकर प्रयागराज तक बेच सकेंगे। आने वाले समय में दातागंज के पास इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाया जाना है। इसके लिए ट्रांसपोर्ट का काम आसान हो जाएगा। बदायूं के लोग अभी तक इलाज के लिए बरेली पर निर्भर थे, लेकिन एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद उनके पास लखनऊ, मेरठ से लेकर दिल्ली तक जाने का ऑप्शन होगा। शाहजहांपुर के गन्ना किसानों को फायदा मिलेगा शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे के साढ़े तीन किलोमीटर हिस्से पर हवाई पट्टी बनी है। यह जलालाबाद तहसील क्षेत्र में स्थित है। पिछले साल इस पर राफेल, जगुआर और मिराज जैसे 8 लड़ाकू विमान उतरे थे। अब यहां डिफेंस से जुड़ी चीजें बनाए जाने की प्लानिंग हो रही है। शाहजहांपुर गन्ना बेल्ट के रूप में जाना जाता है। यहां करीब 4 शुगर मिल हैं। इनमें बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल (तिलहर), बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल (मकसूदापुर), रोजा शुगर मिल और केसर एंटरप्राइजेज शुगर मिल शामिल हैं। गंगा एक्सप्रेस-वे से चीनी को दूसरे राज्यों में भेजना आसान होगा। आजकल शुगर मिलें केवल चीनी नहीं, बल्कि इथेनॉल भी बना रही हैं। एक्सप्रेस-वे के कारण इथेनॉल की सप्लाई तेल कंपनियों के डिपो तक तेजी से हो सकेगी। शाहजहांपुर में मौजूद हवाई पट्टी इसी चीनी बेल्ट के पास है। भविष्य में अगर यहां ‘कार्गो सुविधा’ होती है, तो यहां के कृषि उत्पादों के लिए नए रास्ते खुलेंगे। हरदोई जमीन की कीमत तीन गुना तक बढ़ी लखनऊ से पास होने के बावजूद हरदोई जिला तरक्की में पीछे रह गया था। इस एक्सप्रेस-वे से इसे रफ्तार मिलेगी। जिले की दो जगह- सांडी और बिलग्राम में एक्सप्रेस-वे पर इंटरचेंज बनाए गए हैं। इससे यहां जमीनों का रेट बढ़ गए हैं। कई नए होटल, ढाबा, पेट्रोल पंप और मंडी विकसित होने शुरू हो गए हैं। हरदोई में चावल, गेहूं और आलू का उत्पादन ज्यादा होता है। अभी तक यहां के किसानों और व्यापारियों के पास बाहर ले जाने के ऑप्शन कम थे। लेकिन, अब फसलों को दूसरे जिलों तक तेजी से पहुंचाया जा सकेगा। उन्नाव में दोगुना हो जाएंगी इंडस्ट्री औद्योगिक नगरी कानपुर के अब तमाम उद्योग उन्नाव शिफ्ट हो रहे हैं। इसकी बड़ी वजह गंगा एक्सप्रेस-वे है। यूपी सरकार यहां एक्सप्रेस-वे के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलप करने जा रही है। इसका फायदा यहां के युवाओं को होगा, जो रोजगार के लिए बाहर जाते थे। लखनऊ-कानपुर के बीच होने के बावजूद उन्नाव के कई हिस्से डेवलप नहीं हो सके थे। इस एक्सप्रेस-वे से सफीपुर, मियागंज, पुरवा, दही और बीघापुर शहरीकरण से जुड़ जाएंगे। क्योंकि, इन हिस्सों में इंटरचेंज बनाए गए हैं। रायबरेली एम्स तक पहुंचना आसान होगा रायबरेली में एम्स है। अब तक सिर्फ स्थानीय लोगों को इसका फायदा मिलता था। लेकिन, गंगा एक्सप्रेस-वे शुरू होने से दूसरे जिलों के लोग भी यहां इलाज करा सकेंगे। प्रतापगढ़, प्रयागराज और उन्नाव के लोग अभी जिस रास्ते से रायबरेली आते हैं, वो भीड़ और जाम वाला है। गंगा एक्सप्रेस-वे से रास्ता आसान होगा। लखनऊ से प्रयागराज जाने वाले लोग अब बिना रायबरेली शहर में एंट्री किए सीधा एक-दूसरे शहर जा पाएंगे। प्रतापगढ़ का आंवला दिल्ली में भी बिकेगा प्रतापगढ़ का आंवला पूरे देश में फेमस है। लेकिन, सही कनेक्टिविटी न होने से यह प्रोडक्ट आसपास के जिले तक ही सीमित रह गया था। गंगा एक्सप्रेस-वे के चलते इसे दिल्ली तक ले जाकर बेचा जा सकेगा। प्रतापगढ़ में आम का प्रोडक्शन भी खूब होता है। आम के किसानों और व्यापारियों को इसका फायदा मिलेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे से यहां रियल स्टेट और नए कमर्शियल प्रोजेक्ट शुरू होंगे। प्रयागराज के सोरांव-मलाका में लगेगी इंडस्ट्री मेरठ से शुरू हुआ एक्सप्रेस-वे प्रयागराज के जूड़ापुर दांदू में खत्म होता है। प्रयागराज शहर की यहां से दूरी 25 किलोमीटर है। गंगा एक्सप्रेस-वे के चलते यहां विकास होगा। अभी तक ज्यादातर उद्योग नैनी इलाके में थे, अब सोरांव और मलाका साइड में भी लगाए जाएंगे। प्रयागराज में हर साल माघ मेला, 6 साल पर कुंभ और 12 साल में महाकुंभ लगता है। इस दौरान करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। दिल्ली या फिर पश्चिमी जिलों से आने वाले लोगों के लिए गंगा एक्सप्रेस-वे सबसे आसान रास्ता होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट होने के चलते यह पहले से ही प्रमुख शहर था। अब यह और अहम हो जाएगा। ———————— ये खबर भी पढ़ें… भास्कर सर्वे: यूपी के 18 चर्चित चेहरों में कौन पसंद-कौन नापसंद, मंत्री को घेरने वाले, बाहुबली और सपा के बागियों की सीटों पर कौन-सी पार्टी नंबर-1 योगी सरकार के 4 साल पूरे होने पर दैनिक भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में चौंकाने वाले नतीजे आए हैं। यूपी की सियासत में 4 साल से सुर्खियों में रहे 18 चर्चित विधायकों की सीटों पर लोगों की क्या राय है? इनमें सपा के 4 बागी विधायकों की सीटें भी शामिल हैं। 4 बाहुबलियों की सीटों पर जनता ने किसे कैंडिडेट के रूप में पहली पसंद बताया? मौका-बेमौका अपनी ही पार्टी को कटघरे में खड़े करने वाले विधायकों की सीटों के भी नतीजे सिलसिलेवार देखिए…