जानकारी के अनुसार 05 दिसंबर की रात बीट किलोमीटर 287.000 से 291.000 के बीच ठंड के मौसम की पेट्रोलिंग ड्यूटी पर तैनात ट्रैकमैन बन बिहारी महतो (टीएम-IV) एवं हरियल हेम्ब्रम (टीएम-IV) ने रात करीब 02:10 बजे किलोमीटर 289/12–14 के बीच डाउन लाइन पर रेल पटरी में वेल्ड फेल्योर यानी जोड़ में टूट का पता लगाया। खतरे की गंभीरता को समझते हुए दोनों कर्मचारियों ने बिना देर किए निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत ट्रैक को संरक्षित किया और उसी समय आ रही एक मालगाड़ी को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया।
ट्रैकमैनों की इस त्वरित और जिम्मेदार कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और रेल परिचालन को गंभीर नुकसान से बचाया जा सका। उनके इस साहसिक और कर्तव्यनिष्ठ कार्य को देखते हुए दक्षिण-पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल रेल प्रबंधक तरुण हुरिया ने डीआरएम कार्यालय में दोनों ट्रैकमैनों को मंगलवार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। डीआरएम ने उनकी अनुकरणीय सतर्कता, जिम्मेदारी और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कर्मचारियों की वजह से ही रेल यातायात सुरक्षित बना रहता है।
उल्लेखनीय है कि ठंड के मौसम में रेल पटरियों में दरार या टूट-फूट की संभावना बढ़ जाती है, ऐसे में नियमित गश्त और पैनी निगरानी बेहद आवश्यक होती है। बन बिहारी महतो और हरियल हेम्ब्रम ने अपनी सजगता से यह साबित कर दिया कि ट्रैकमैन रेलवे सुरक्षा की सबसे मजबूत कड़ी हैं।
