पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को सोमवार को जांच के लिए दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें अस्पताल में रखा गया है, जहां उनका MRI समेत जरूरी मेडिकल टेस्ट किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि पिछले हफ्ते उन्हें दो बार बेहोशी की समस्या हुई थी। 10 जनवरी को सुबह करीब 3.30 बजे वॉशरूम जाने के दौरान भी उन्हें बेहोशी महसूस हुई थी। 74 साल के धनखड़ सोमवार को केवल रूटीन चेकअप के लिए AIIMS गए थे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के लिए भर्ती होने पर जोर दिया। धनखड़ पहले भी कच्छ का रण, उत्तराखंड, केरल और दिल्ली में सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान बेहोश हो चुके हैं। 2025 में भी उन्हें दिल की बीमारी के कारण एम्स में भर्ती कराया गया था। उन्होंने पिछले साल 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। राजस्थान के झुंझुनू के रहने वाले हैं धनखड़ 18 मई 1951 को झुंझुनू जिले में साधारण किसान परिवार में पैदा हुए जगदीप धनखड़ की शुरुआती शिक्षा गांव में हुई। फिर उनका एडमिशन सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में करवाया गया। धनखड़ का NDA (नेशनल डिफेंस एकेडमी) में सिलेक्शन हो गया था, लेकिन वो गए नहीं। उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद LLB की पढ़ाई की। जयपुर में ही रहकर वकालत शुरू की थी। बंगाल के राज्यपाल रह चुके हैं उप राष्ट्रपति 74 साल के जगदीप धनखड़ को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 30 जुलाई 2019 को बंगाल का 28वां राज्यपाल नियुक्त किया था। वे 1989 से 1991 तक राजस्थान के झुंझुनू से लोकसभा सांसद रहे। 1989 से 1991 तक वीपी सिंह और चंद्रशेखर की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य वजह बताकर इस्तीफा दिया, संसद सत्र के बीच इस्तीफा देने वाले पहले उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को उप राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों को इस्तीफे की वजह बताया। वे 74 साल के हैं। धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था। राष्ट्रपति को पत्र में उन्होंने लिखा- स्वास्थ्य की प्राथमिकता और डॉक्टरी सलाह का पालन करते हुए मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूं। पूरी खबर पढ़ें…
जगदीप धनखड़ एम्स में भर्ती:एक हफ्ते में 2 बार बेहोश हुए, MRI और मेडिकल टेस्ट होगा; पिछले साल उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दिया
