संत की हत्या करने वाला इसराइल एनकाउंटर में मारा गया:उन्नाव में लाउडस्पीकर से भजन बजाने पर की थी हत्या, 1 लाख का इनामी था

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उन्नाव में चर्चित संत राममिलन दास उर्फ बाबा मिलन दास हत्याकांड का मुख्य आरोपी बदमाश इसराइल एनकाउंटर में ढेर हो गया। SP जयप्रकाश सिंह ने बताया कि सोमवार तड़के 3:40 बजे मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने आरोपी को घेराबंदी की। खुद को घिरता देखकर उसने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में मारा गया। मुठभेड़ ताजपुर इलाके में हुआ। 9 जून को इसराइल ने चार साथियों के साथ मिलकर साधु की हत्या की थी। आरोप था कि साधु रामदास (50) शिव मंदिर में लाउडस्पीकर लगाकर भजन बजाते थे, जिससे आरोपी नाराज थे। इसी कारण वारदात को अंजाम दिया गया था। 2 दिन पहले इसराइल पर SP ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। एक दिन पहले ही उन्नाव सांसद साक्षी महाराज ने घटना को लेकर कहा था कि अगर आरोपी सरेंडर नहीं करेगा तो एनकाउंटर होगा ही। पुलिस ने कैसे मार गिराया, पढ़िए SP जयप्रकाश सिंह ने बताया कि सोमवार तड़के 3:40 बजे पुलिस और एसओजी टीम वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक लाख का इनामी इसराइल उर्फ इजराइल ताजपुर अंडरपास के पास खड़ा है। वह किसी साथी का इंतजार कर रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस और एसओजी टीम ने घेराबंदी की। पुलिस ने आरोपी को सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन उसने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से एसओजी का सिपाही विकास भदौरिया घायल हो गया। वहीं, दरोगा न्यूटन कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगने से वह बाल-बाल बच गए। इसके बाद टीम ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी को गोली लग गई। पुलिस उसे इलाज के लिए बांगरमऊ CHC (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से .315 बोर का तमंचा, दो खोखा कारतूस और एक चाकू बरामद किया गया है। जिस चाकू से साधु की हत्या की गई थी, उसे भी आरोपी के पास से बरामद कर लिया गया है। बदमाश के घर पर ताला लगा
इसराइल मूल रूप से बांगरमऊ कोतवाली के गांव ततियापुर का रहने वाला था। वह पिछले 20 सालों से बांगरमऊ के मोहल्ला पुरबिया टोला में रहता था और मजदूरी करता था। उसके तीन बेटे और दो बेटियां हैं। पत्नी का नाम शायदा है। घर पर ताला लगा हुआ है। इसराइल के 8 भाई थे, जिनमें से 2 भाइयों की पहले ही मौत हो चुकी है। इसराइल पांचवें नंबर का था। भाई पप्पू की 7 महीने पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। साधु की हत्या कैसे की गई, पढ़िए बांगरमऊ थाना के रामनगर के रहने वाले बाबा मिलन दास पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। सबसे बड़े भाई वीरेंद्र सिंह ठेकेदारी का काम करते हैं। दूसरे नंबर पर रविंद्र सिंह, तीसरे पर राजेश सिंह, चौथे पर टार्जन सिंह और सबसे छोटे मिलन सिंह रघुवंशी उर्फ बाबा मिलन दास थे। मिलन घर से करीब 500 मीटर दूर अपनी ही जमीन पर भगवान शिव का मंदिर बनवा रहे थे, जिसका काम पिछले 5 महीनों से चल रहा था। वह निर्माणाधीन मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते थे। परिजनों के अनुसार, मंदिर से कुछ दूरी पर एक मस्जिद भी स्थित है। आरोप है कि मंदिर में साधु लाउडस्पीकर लगाकर भजन बजाते थे, जिससे कुछ लोग नाराज थे। इसी विवाद के चलते 9 जून की दोपहर संत राममिलन दास को सभासद अतीक खां के अहाते में बुलाया गया। वहां इसराइल और उसके साथियों ने उन पर चाकुओं से हमला कर दिया। हमलावरों ने उनकी पीठ और शरीर के कई हिस्सों पर ताबड़तोड़ वार किए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, संत राममिलन दास जान बचाने के लिए अहाते के मुख्य गेट की ओर भागे, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा किया और लगातार हमला करते रहे। गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह कुछ दूरी पर गिर पड़े, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल संत को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांगरमऊ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
साधु के हत्या के बाद सड़क पर उतर गई थी भीड़ हत्या की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। लोगों ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। पुलिस की मौजूदगी में साधु के शव को मंदिर के पास ही दफनाया गया था। 3 आरोपी गिरफ्तार, एक मारा गया संत के भाई वीरेंद्र सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों और दो से तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। इसमें इसराइल, लल्ली उर्फ अजय गौतम, यामीन, शानू और मोहम्मद शफी को नामजद किया गया था। 11 जून को पुलिस ने आरोपी मोहम्मद शफी, लल्ली उर्फ अजय गौतम और यामीन को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी भागने की फिराक में थे। पुलिस ने इन्हें कल्याणी नदी पुल के पास से गिरफ्तार किया था। आज इसराइल मुठभेड़ में मारा गया। पहले भी हो चुकी हैं उन्नाव में साधुओं की हत्याएं
स्थानीय लोगों के अनुसार, 2013 में नगर के प्रसिद्ध बोधेश्वर मंदिर के सेवादार कल्लू पंडित (निवासी जोगीकोट) की हत्या कर दी गई थी। इस घटना में संत राममिलन दास भी घायल हुए थे। इसके अलावा, कई साल पहले माढ़ापुर मार्ग पर भी एक संत की हत्या की घटना सामने आई थी। ———————
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