यूपी में बिजली को लेकर सियासत तेज हो गई है। एक ओर सरकार स्मार्ट मीटर को लेकर बैकफुट पर नजर आ रही है। वहीं, अखिलेश यादव ने सपा सरकार बनने पर 300 यूनिट बिजली फ्री देने का ऐलान किया है। अगर सपा सरकार बनती है, तो मौजूदा बिजली बिल राहत योजनाओं समेत फ्री बिजली स्कीम लागू करने पर करीब 82 हजार करोड़ का बोझ सरकारी खजाने पर पड़ेगा। यह यूपी सरकार के टॉप-10 विभागों के सालाना बजट से ज्यादा है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या यूपी जैसे बड़े राज्य में फ्री बिजली स्कीम लागू हो सकती है? खर्च विभाग उठाएगा या सरकार? भाजपा सरकार के पास अखिलेश के दांव का क्या तोड़ है? पढ़िए रिपोर्ट… पहले फ्री बिजली स्कीम का गुणा-गणित समझिए यूपी में 150 से 300 यूनिट बिजली खर्च करने पर 6.5 रुपए/यूनिट की दर से बिल आता है। इसमें मीटर चार्ज, फिक्स्ड चार्ज, फ्यूल एडजेस्टमेंट चार्ज और अन्य टैक्स जोड़कर एक यूनिट बिजली का रेट करीब 8.5 रुपए हो जाता है। यूपी पावर कॉरपोरेशन के आंकड़ों के मुताबिक, इस समय करीब 3.50 करोड़ घरेलू बिजली कनेक्शन हैं। इनमें करीब 70% यानी 2.45 करोड़ कंज्यूमर ऐसे हैं, जो हर महीने औसतन 300 यूनिट बिजली खर्च करते हैं। इन्हें 300 यूनिट बिजली फ्री देने के लिए प्रदेश सरकार पर हर महीने करीब 6.24 हजार करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। इससे सालाना बजट करीब 75 हजार करोड़ रुपए बढ़ जाएगा। यूपी सरकार ने 2026-27 के लिए करीब 9.13 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। इसमें किसानों को 140 यूनिट फ्री बिजली और बुनकरों को बिल में छूट की स्कीम के लिए 6823 करोड़ रुपए दिए गए थे। इस तरह मौजूदा योजना समेत घरेलू कंज्यूमर को फ्री बिजली देने के लिए 82 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने होंगे। यह रकम टॉप-10 विभागों के सालाना बजट से ज्यादा है, जिसमें बिजली विभाग भी शामिल है। इस साल बिजली विभाग को करीब 66 हजार करोड़ का बजट दिया गया है। NEP-2026 में फ्री बिजली स्कीम्स बंद करने की सिफारिश सबसे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने साल-2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में 200 यूनिट फ्री बिजली देने का वादा किया था। सरकार बनने पर स्कीम लागू भी की थी। जो भाजपा की सरकार आने के बाद भी लागू है। इसके बाद कई पार्टियों ने अलग-अलग विधानसभा चुनाव के वक्त फ्री बिजली का वादा किया। सरकार बनने पर स्कीम लागू भी की। इस वक्त कर्नाटक में 200, बिहार में 125 और झारखंड में 200 यूनिट बिजली फ्री दी जा रही है। राजस्थान में सोलर पैनल लगवाने पर 150 यूनिट बिजली फ्री मिलती है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर में किसान, बुनकर और गरीब परिवारों को बिजली बिल माफी और छूट की स्कीम चल रही हैं। हालांकि, जनवरी 2026 में पावर मिनिस्ट्री की तरफ से जारी नेशनल इलेक्ट्रिक पॉलिसी-2026 (NEP-2026) के ड्राफ्ट में फ्री बिजली स्कीम धीरे-धीरे खत्म करने की सिफारिश की गई है। सपा बोली- सरकार उठाएगी खर्च, बिजली कंपनी को सब्सिडी देंगे यूपी सरकार में मुख्य सचिव रहे और मौजूदा समय में सपा के रणनीतिकारों में शुमार आलोक रंजन कहते हैं कि फ्री बिजली स्कीम कई राज्यों में चल रही है। पंजाब 300 यूनिट बिजली फ्री दे रहा है। कई अन्य राज्य भी फ्री बिजली दे रहे हैं। यूपी में भी घरेलू बिजली कनेक्शन पर 300 यूनिट फ्री बिजली दी जा सकती है। इसका बोझ बिजली विभाग पर नहीं, सरकार पर पड़ेगा। सरकार बिजली कंपनियों को सब्सिडी देगी। यूपी का बजट 9 लाख करोड़ से ज्यादा का हो चुका है। इसलिए खर्च आसानी से मैनेज किया जा सकता है। भाजपा बोली- अभी चुनाव में वक्त, घोषणापत्र में पूरी बात होगी भाजपा प्रवक्ता अवनीश त्यागी कहते हैं- भाजपा ने किसानों को बिजली-पानी मुफ्त देने के साथ ही सबको बिजली देने का वादा किया था। इसे पूरा किया जा रहा है। पहले बिजली ही नहीं आती थी। केवल चार-पांच जिलों में बिजली पहुंच पा रही थी। जहां तक 2027 के चुनाव की बात है, तो उसमें अभी वक्त है। जब घोषणा पत्र बनेगा, तो जरूरत के हिसाब से रियायत देने की बात रहेगी। अब जानिए बिजली यूपी में राजनीतिक मुद्दा क्यों देश में 10 से 12 राज्यों में फ्री बिजली या बिजली बिल में छूट/सब्सिडी से जुड़ी कोई न कोई स्कीम चल रही है। यूपी में 8 महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। यूपी में कई महीनों से बिजली के प्राइवेटाइजेशन और स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। चुनावी साल में BJP के विधायक और पार्षद भी आम जनता के साथ सड़क पर उतर आए हैं। लोगों का गुस्सा देखते हुए सीएम योगी ने स्मार्ट मीटर की तकनीकी खामियों की जांच के लिए कमेटी बनाई है। इसे 10 दिन में रिपोर्ट देनी है। रिपोर्ट आने तक पुराने मीटर को नए स्मार्ट मीटर से बदलने पर रोक लगा दी है। हालांकि, नए बिजली कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर ही लगाए जा रहे हैं। ऐसे में अखिलेश यादव ने सरकार बनने पर 300 यूनिट फ्री बिजली देने का वादा करके बिजली की सियासत और तेज कर दी है। —————————- यह खबर भी पढ़ें… हर्षा बोलीं- मुस्लिम संत बनें तो स्वागत, मेरा विरोध क्यों, संन्यास के बाद भी सोशल मीडिया पर एक्टिव रहूंगी, महाकुंभ ने मुझे बदला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मॉडल हर्षा रिछारिया ने 19 अप्रैल को उज्जैन में संन्यास ले लिया। खुद का पिंडदान और श्राद्ध किया। नया नाम मिला- स्वामी हर्षानंद गिरि। संन्यास के बाद हर्षा ने कहा- ये जीवन का नया अध्याय है। अब धर्म, संस्कृति और समाज की सेवा में समर्पित रहूंगी। पूरी खबर पढ़ें…
सरकार बनी तो सपा कैसे 300 यूनिट फ्री बिजली देगी:सालाना 82 हजार करोड़ का बोझ पड़ेगा, यह यूपी के टॉप-10 विभागों के बजट से ज्यादा
