हरियाणा के नारनौल के गांव बलाहा कला निवासी पूर्व एनएसजी कमांडो और वर्तमान में दिल्ली पुलिस में कार्यरत महताब सिंह ने इंसानियत, भाईचारे और रिश्तों की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। आज के समय में जहां छोटे-छोटे विवाद रिश्तों को तोड़ देते हैं, वहीं महताब सिंह ने एक महिला का भाई बनकर ऐसा फर्ज निभाया कि शादी समारोह में मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो गया। पूर्व एनएसजी कमांडो ने माना बहन दरअसल, राजस्थान के झुंझुनूं जिला के गांव कलाखरी निवासी चित्रा के सगे भाई सुरेंद्र सिंह का वर्ष 2006 में निधन हो गया था। भाई के जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। समय बीतता गया और परिवार में बेटियों व बेटों की शादी की जिम्मेदारी सामने आने लगी। ऐसे कठिन समय में महताब सिंह ने चित्रा को अपनी धर्म बहन मानते हुए परिवार का हाथ थाम लिया। भाई बनकर भरा भात बताया गया कि चित्रा के 6 बेटे-बेटियां हैं। महताब सिंह ने इन सभी बच्चों की शादी में भाई बनकर भात भरने की रस्म निभाई। शुक्रवार को कलाखरी गांव में चित्रा के दो बेटों शेर सिंह और राजू की शादी से पहले भात की रस्म हुई। महताब सिंह पूरे मान-सम्मान के साथ करीब 25 लोगों को लेकर भात भरने पहुंचे। उन्होंने भात में 10 हजार 500 रुपए नकद, साड़ियां और कपड़े भेंट किए। चित्रा की आंखों में आ गए आंसू भात की रस्म के दौरान माहौल बेहद भावुक नजर आया। बहन चित्रा की आंखों में खुशी के आंसू थे। उसने कहा कि भाई के निधन के बाद जिंदगी में बहुत बड़ा खालीपन आ गया था, लेकिन महताब सिंह ने कभी भाई की कमी महसूस नहीं होने दी। हर सुख-दुख में वे परिवार के साथ खड़े रहे। गांव की बेटी-बहन समान महताब सिंह ने कहा कि रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि अपनत्व और विश्वास से भी बनते हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके गांव की बेटी है और भाई होने के नाते उसका साथ देना उनका कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से जात-पात और भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे की मदद करने की अपील भी की। सरपंच बोले- मेहताब समाज के लिए प्रेरणा गांव के सरपंच वीरेंद्र सिंह यादव ने भी महताब सिंह की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में ऐसे उदाहरण बहुत कम देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि महताब सिंह ने जिस तरह धर्म बहन के परिवार का सहारा बनकर भाई का फर्ज निभाया है, वह समाज के लिए प्रेरणा है। हर कोई कर रहा तारीफ शादी समारोह में मौजूद लोगों ने भी इस पहल को सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और इंसानियत की सच्ची मिसाल बताया। गांव में हर कोई महताब सिंह के इस कदम की तारीफ करता नजर आया।
हरियाणा के पूर्व NSG कमांडो ने निभाया भाई का फर्ज:धर्म बहन के बेटों की शादी में भरा भात; महताब सिंह बने परिवार का सहारा
