कपकोट तहसील के दूरस्थ गोलना गांव में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय एक समय बंद होने की कगार पर पहुंच गया था, लेकिन ग्रामीणों की एकजुटता और जागरूकता ने इस स्कूल को नई जिंदगी दे दी. जो विद्यालय कुछ समय पहले तक सूना पड़ा था, वहां अब बच्चों की किलकारियां सुनाई देने लगी हैं, पढ़ाई का माहौल फिर से बन गया है. इस विद्यालय में पिछले चार वर्षों तक केवल एक ही छात्रा पढ़ाई कर रही थी.
ग्रामीणों के प्रयास से बंद होने से बचा गोलना का प्राथमिक विद्यालय, ग्राम प्रधान अपने बच्चों का कराया एडमिशन
