फरीदाबाद में मां-बेटियों पर गाय का हमला, VIDEO:तीनों बाजार से घर लौट रही थी, पैरों से कुचलने की कोशिश; अस्पताल में भर्ती

Spread the love

फरीदाबाद शहर के पॉश माने जाने वाले सेक्टर-15A में एक बेसहारा गाय ने सड़क पर जा रही महिला और उसकी दो मासूम बेटियों पर हमला कर दिया। हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उनका इलाज जारी है। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें गाय महिला और दोनों बच्चियों पर बेरहमी से हमला करती और उन्हें अपने पैरों से कुचलने की कोशिश करती दिखाई दे रही है। बाजार से वापस लौट रही थी घटना शुक्रवार शाम करीब 6:50 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार गगन खेड़ा की पत्नी अपनी दो बेटियों के साथ सेक्टर-15 मार्केट से सामान खरीदकर घर लौट रही थी। जैसे ही वे हनुमान मंदिर के पास अपनी गली के गेट के पास पहुंची, वहां पहले से खड़ी दो से तीन बेसहारा गायों में से एक गाय अचानक आक्रामक हो गई और दौड़कर उनकी सबसे छोटी बेटी पर टूट पड़ी। गाय ने बच्ची को जमीन पर गिराकर अपने पैरों से कुचलने की कोशिश की। छोटी बेटी को बचाया, तो बड़ी पर हमला अपनी बेटी को बचाने के लिए मां तुरंत उसकी ओर दौड़ी, लेकिन तभी गाय ने अचानक मुड़कर उनकी बड़ी बेटी का पीछा करना शुरू कर दिया। कुछ ही सेकंड में गाय ने बड़ी बेटी को भी जमीन पर गिरा दिया और उसे भी कुचलने का प्रयास किया। अपनी दोनों बेटियों को बचाने के लिए मां ने हिम्मत दिखाते हुए बीच में आकर उन्हें छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन गाय बार-बार उन पर हमला करती रही। महिला का पीछा कर हमला किया किसी तरह महिला अपनी दोनों घायल बेटियों को लेकर वहां से भागने लगी, लेकिन गाय ने उनका पीछा करते हुए दोबारा हमला कर दिया। यह पूरा दृश्य बेहद भयावह था और आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर पर दौड़कर पहुंचे और डंडों से गाय को मारकर वहां से भगाया। लोगों की सूझबूझ से तीनों की जान तो बच गई, लेकिन हमले में तीनों बुरी तरह घायल हो गईं। तीनों अस्पताल में भर्ती इस घटना में गगन खेड़ा की सबसे छोटी बेटी के सिर में गंभीर चोट आई है और उसे टांके लगाने पड़े हैं। वहीं बड़ी बेटी और उनकी मां को भी काफी चोटें आई हैं। फिलहाल तीनों एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। बेसहारा गोवंश से सेक्टरवासी परेशान घटना के बाद सेक्टर-15A के निवासियों में नगर निगम के खिलाफ भारी नाराज़गी देखने को मिल रहा है। स्थानीय निवासी भारत मेहंदी दत्ता ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक और चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि अगर आसपास के लोग समय पर मौके पर नहीं पहुंचते तो इस घटना में किसी की जान भी जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में बेसहारा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन नगर निगम इस गंभीर समस्या को लेकर पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। लोगों को हमेशा बना रहता है डर वहीं सेक्टर-15A निवासी चंद्रपाल सिंह ने भी इस घटना को बेहद दुखद और डराने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इलाके में रोजाना बेसहारा पशु सड़कों और गलियों में घूमते रहते हैं, जिससे स्थानीय लोगों में हमेशा डर बना रहता है। उन्होंने निगम से अपील करते हुए कहा कि अगर समय रहते बेसहारा पशुओं को पकड़ने और उनकी व्यवस्था करने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।