इस दौरान उनके साथ केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री और क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन, कोलारस विधायक महेन्द्र सिंह यादव, पूर्व विधायक प्रहलाद भारती तथा भाजपा जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव, कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी, पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनहानि, पशुहानि अथवा फसल क्षति जैसी हर स्थिति में सरकार पीड़ितों के साथ है और प्रत्येक परिवार को राहत राशि सीधे उनके खाते में प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे विधानसभा सत्र के दौरान बाढ़ प्रभावितों के हालचाल जानने के लिए आपके ग्राम में आए हैं। सरकार हर हाल में जनता के साथ खड़ी है ।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि “जान है तो जहान है” और सरकार का पहला कर्तव्य हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसी अभूतपूर्व वर्षा पहले कभी नहीं देखी गई। ये परिस्थितियाँ हमारे लिए परीक्षा की घड़ी हैं, जनता के सहयोग और प्रशासन के समर्पण से स्थिति पर नियंत्रण पाया गया है। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि एवं बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में राहत कार्य निरंतर जारी रहेंगे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे राहत कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। शासन प्रशासन पूरी मुस्तेदी के साथ राहत कार्यों में लगा हुआ है। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि चिंता न करें, दुख की इस घड़ी में हम सभी आपके साथ हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि हम सुख-दुख के हर क्षण में आपके साथ खड़े हैं और इस संकट की घड़ी में सरकार द्वारा हर संभव सहायता सुनिश्चित की जाएगी। इस बार औसत वर्षा से कहीं अधिक वर्षा हुई है, जिसके कारण सिंध नदी में उफान आया और पचावली सहित 32 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए।
श्री सिंधिया ने जानकारी दी कि ग्वालियर से दो हेलीकॉप्टर राहत कार्य के लिए भेजे गए थे, परंतु मौसम प्रतिकूल होने के कारण वे प्रभावित क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पाए। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव और राहत दलों के संयुक्त प्रयास से बड़ी संख्या में नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने बताया कि इस आपदा में लगभग 400 लोगों की जान बचाई गई तथा 18 व्यक्तियों को तत्काल आर्थिक सहायता दी गई है।
उल्लेखनीय है किइस अत्यधिक वर्षा से मक्का एवं सोयाबीन की फसल को व्यापक क्षति हुई है, जिसकी भरपाई के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा प्रदान किया जाए।
