तीन दिन चली मैराथन बैठकों के दौर के बाद आखिरकार भाजपा ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की पंसद के दोनों चेहरों पर अपनी मोहर लगा दी। रेवाड़ी में पूर्व चेयरमैन विनीता पीपल और धारूहेड़ा में निवर्तमान नगर पालिका उपप्रधान अजय जागड़ा को अपना उम्मीदवार बनाया है। अब इनका मुकाबला रेवाड़ी में कांग्रेस की निहारिका और धारूहेड़ा में कुमारी राज के साथ होगा। रेवाड़ी में डॉ. हर्षा निंबल और उषा कांटीवाल अंतिम समय पर संगठन की पंसद के चेहरे बनकर राव इंद्रजीत सिंह समर्थक विनीता पीपल को टिकट की जंग में कड़ी चुनौती देती रही। अंत में विनीता पीपल बाजी मारने में सफल रही। 42 में पांच प्रत्याशियों में थी लड़ाई रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन के लिए भाजपा को 42 आवेदन मिले थे। रेवाड़ी के लिए 25 और धारूहेड़ा के लिए 17 ने पार्टी को आवेदन दिया था। अंत में पांच में मुकाबला चल रहा था। जिनमें से अब रेवाड़ी में विनिता पीपल और धारूहेड़ा में अजय जांगड़ा ने बाजी मार ली है। दोनों ही राव इंद्रजीत सिंह समर्थक हैं। एक अकेले सब पर भारी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह एक बार फिर पूरे संगठन पर भारी पड़े हैं। रेवाड़ी में अपनी विटो से अंतिम समय तक टिकट में दौड़ में शामिल रही उषा कांटीवाल और डॉ. हर्षा को टिकट की दौड़ से बाहर कर अपने समर्थकों को टिकट दिलाने में सफल रहे। 2020 में भी राव इंद्रजीत सिंह समर्थक पूनम यादव को टिकट मिला था। 2019 और 2024 के विधानसभा चुनाव में भी उन्हें फ्री हैंड मिला था। एक बार फिर राव इंद्रजीत सिंह अकेले पूरे संगठन पर भारी पड़े हैं। इस पूरे मामले को ऐसे समझे विनिता पीपल राव इंद्रजीत सिंह के साथ कांग्रेस छोड़ भाजपा में आई। प्रदेश में 2014 में पहली बार भाजपा की सरकार बनी। 2016 में भाजपा के समर्थन से विनित पीपल नगर परिषद की चेयरमैन चुनी गई। इस बार रेवाड़ी नगर परिषद चेयरमैन का पद एससी महिला के लिए आरक्षित है। विनिता पीपल जाटव समाज से आती है। ससुर मोहन लाल पीपल दो बार पटौदी से विधायक और संसदीय सचिव एवं सरकार में चैयरमैन रहे हैं। परिवार शुरू से रामपुरा हाउस से जुड़ा रहा है। कांग्रेस ने दोनों महिलाएं उतारी कांग्रेस ने सोमवार को रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए थे। रेवाड़ी में शहरी जिला प्रधान की पत्नी निहारिका चौधरी और धारूहेड़ा में पूर्व सरपंच अभय की पुत्रवधू कुमारी राज को टिकट दिया। निर्दलीय चुनाव लड़ेगी मीनू डहीनवाल टिकट मिलने के बाद दोनों प्रचार के लिए मैदान में उतर चुकी हैं। इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता रजवंत डहीनवाल ने अपनी पत्नी डॉ. मीनू डहीनवाल को निर्दलीय चुनाव लड़ाने की घोषणा की है। अब महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश महासचिव सुचित्रा ने भी वीडियो जारी कर रेवाड़ी नगर परिषद चेयरमैन का चुनाव लड़ने के संकेत दे दिए हैं। 32 में 22 नए चेहरे, पूर्व चेयरपर्सन को झटका भाजपा ने रेवाड़ी में सभी 32 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें 22 नए चेहरे हैं। 10 पार्षदों पर फिर से भरोसा जताया है। 2020 में नगर परिषद की चेयरपर्सन चुनी पूनम यादव के परिवार को झटका दिया है। चेयरपर्सन के पति बलजीत यादव वार्ड 21 से अपने परिवार की महिला के लिए टिकट चाहते थे। भाजपा ने यहां संतोष यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है। पूर्व चेयरमैन विजय राव एक बार फिर अपनी पत्नी निर्मला राव के लिए वार्ड 20 से टिकट लेने में सफल रहे हैं। पार्टी ने वार्ड 4 से ओमप्रकाश सैनी, वार्ड 10 से श्याम चुघ, वार्ड 18 से मनीष गुप्ता, वार्ड 19 से निहाल सिंह यादव, वार्ड 23 से भूपेंद्र गुप्ता की जगह उनकी पत्नी रीना गुप्ता, वार्ड 24 से नीरज कुमार, वार्ड 31 से प्रदीप भार्गव व वार्ड 32 में कुसुमलता पर फिर अपना भरोसा जताया है। पति शहरी जिला प्रधान, सास पूर्व पार्षद कांग्रेस की रेवाड़ी नगर परिषद की चेयरमैन उम्मीदवार निहारिका चौधरी जाटव समाज से आती हैं। पति पूर्व नगर पार्षद प्रवीण चौधरी कांग्रेस के शहरी जिला प्रधान है। सास हीरा देवी भी दो बार नगर पार्षद रही हैं। इनके ससुस चौ. हंसराज जाटव समाज के प्रधान हैं और समाज में खासा प्रभाव रखते हैं। परिवार शुरू से कांग्रेस से जुड़ा रहा है। प्रवीण चौधरी सहित पूरा परिवार नियमित रूप से सक्रिय रहे हैं। प्रवीण चौधरी की कैप्टन अजय यादव से भी नजदीकी हैं, परंतु कुमारी सैलजा गुट का माना जाता है। बुधवार को पूर्व मंत्री के आवास पर पूर्व विधायक चिरंजीव राव के साथ पत्रकार वार्ता की। कांग्रेस छोड़ भाजपा में आई थी विनीता पीपल विनीता पीपल नवंबर 2016 में भाजपा के सहयोग से नगर परिषद की चेयरमैन चुनी गई। 2014 में राव इंद्रजीत सिंह के साथ कांग्रेस छोड़ भाजपा में आई थी। फिलहाल भाजपा महिला मोर्चा की जिला कार्यकारी अध्यक्ष हैं। पति नरेंद्र पीपल एससी मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य हैं और पेशे से वकील। ससुर मोहन लाल पीपल पटौदी से 1977 में हारे और 1982 व 1991 दो बार विधायक बने। हरियाणा सरकार में संसदीय सचिव और टूरिज्म विभाग के चेयरमैन रहे हैं। परिवार शुरू से ही रामपुरा हाउस से जुड़ा रहा है। अगस्त 2017 में 83 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। राव इंद्रजीत के समर्थक अजय जांगड़ा अजय जांगड़ा का ट्रांसपोर्टर का कारोबारी राव इंद्रजीत सिंह समर्थक हैं। 2020 में हुए चुनाव में धारूहेड़ा नगर पालिका के पार्षद का चुनाव लड़ा। चुनाव जीतने के बाद राव इंद्रजीत सिंह के समर्थन से नगर पालिका उपप्रधान चुने गए। चेयरमैन कंवर सिंह के साथ काम किया।
रेवाड़ी में राव इंद्रजीत की पसंद पर भाजपा की मुहर:विनीता पीपल और अजय जांगड़ा प्रत्याशी घोषित, कांग्रेस की निहारिका-कुमारी राज से मुकाबला
