जलीय जीव रोग-उभरती चुनौतियां और तैयारियां विषयक संगोष्ठी में निरंतर शोध व नवाचार पर जोर

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“जलीय जीव रोग-उभरती चुनौतियां और तैयारियां” विषयक संगोष्ठी में निरंतर शोध व नवाचार पर जोर

नई दिल्ली, 13 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने गुरुवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) में आयोजित ‘जलीय जीव रोग: उभरती चुनौतियां और तैयारियां’ विषयक संगोष्ठी का उद्घाटन किया। संगोष्ठी का आयोजन 14वें एशियाई मत्स्य पालन और जलीय कृषि मंच (14एएफएएफ) के हिस्से के रूप में किया गया था, जो 12-15 फरवरी, 2025 को यहां “ग्रीनिंग द ब्‍लू ग्रोथ इन एशिया-पैसिफिक” विषय पर आयोजित किया जा रहा है।

इस मौके पर जॉर्ज कुरियन ने संगोष्ठी के आयोजन में आईसीएआर की पहल की सराहना की और जलीय कृषि में पोषण और जैव सुरक्षा के महत्व का उल्लेख करते हुए “एक पृथ्वी-एक परिवार” दृष्टिकोण पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत में खाद्य सुरक्षा, आजीविका और आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए स्थायी जलीय कृषि पद्धतियां महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्‍स्‍य सम्‍पदा योजना (पीएमएमएसवाई) जैसी विभिन्न सरकारी पहलों के तहत किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए जलीय जीव स्वास्थ्य प्रबंधन में निरंतर अनुसंधान और नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने रोग निगरानी मजबूत करने, जैव सुरक्षा प्रोटोकॉल बढ़ाने, नैदानिक ​​और चिकित्सीय उपायों में सुधार की दिशा में मिलकर काम करने का आह्वान किया।

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