पहाड़ों में गेहूं काटने का तरीका आज भी खास और पारंपरिक है. यहां सरेटा नाम की दो पतली, चिकनी लकड़ियों से गेहूं की बालियां अलग की जाती हैं. इस तरीके से एक भी दाना खराब नहीं होता. सीढ़ीनुमा खेतों में मशीनें काम नहीं आतीं, इसलिए ये तरीका आज भी उपयोगी है और लोगों को अपनी परंपरा से जोड़े रखता है.ये दो पतली और बिल्कुल चिकनी लकड़ियां होती हैं, जिनमें कोई खुरदरापन नहीं होता. इन लकड़ियों की मदद से गेहूं की बालियों को बहुत ही सावधानी से पकड़ा जाता है और फिर अलग किया जाता है. इस तरीके की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें गेहूं की एक भी बाली खराब नहीं होती और हर एक दाना सुरक्षित रहता है.
पहाड़ो पर सरेटा से गेहूं काटने का अनोखा तरीका, सीढ़ीनुमा खेती से मशीन का नहीं होता प्रयोग
