’काव्य कथा’ में सुप्रसिद्ध नृत्यांगना पद्मश्री गीता चंद्रन बांधेंगीं समां

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राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के मुख्य सभागार में आयोजित होने वाली काव्य कथा में दर्शकों को शिव स्तुति, गोविंद वंदना, ओंकारा करिणी, कृष्ण को सुनाई जाने वाली लोरी के रूप में रामायण की पुर्नकथा, तिलाना एवं वनमाली सरीखी बेजोड़ प्रस्तुतियां देखने का अद्वितीय अवसर मिलेगा। पद्मश्री गीता चंद्रन के साथ नाट्य वृक्ष डांस कलेक्टिव की नृत्यांगनाएं राधिका कथल, मधुरा भ्रुशुंडी, सौम्यलक्ष्मी नारायणन और यादवी शकदर मेनन भी प्रस्तुतियां देंगीं। लंबे समय से साथ सीखने और अभ्यास करने के कारण गहरी समझ और भरोसे के साथ इन कहानियों को मंच पर सजीव करेंगी। प्रस्तुति का तकनीकी निर्देशन राहुल चौहान कर रहे हैं और वाचन राजीव चंद्रन करेंगे।

गीता चंद्रन और नाट्य वृक्ष के लिए काव्य कथा केवल एक प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक अर्पण है। यह एक परंपरा की मशाल को आगे बढ़ाना है, भारत की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर को सहेजना है, और यह स्मरण कराना है कि हमारी प्राचीन दर्शन, मूल्य और सुंदरता आज भी जीवित हैंकृवे विकसित होते रहते हैं और नई पीढ़ियों से संवाद करते हैं।

इस नृत्य कार्यक्रम में परंपरा की सुंदरता और आज के समय की ऊर्जा मिलकर दर्शकों के लिए यादगार अनुभव बनाएंगे। दुनियाभर में नृत्यांगना, गुरु, नृत्य निर्देशक, विदुषी और सांस्कृतिक दूत के रूप में प्रसिद्ध गीता चंद्रन ने भरतनाट्यम की उज्ज्वल परंपरा को आगे बढ़ाने में पांच दशकों से अधिक समय समर्पित किया है। नाट्य वृक्ष के माध्यम से उन्होंने ऐसे शष्यों की पीढ़ी तैयार की है, जो तकनीकी निपुणता और भावनात्मक गहराई दोनों को साथ लेकर चलते हैं, जिससे यह नृत्य शैली अपनी जड़ों से जुड़ी रहते हुए लगातार विकसित हो रही है।