अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से चोरी का मामला तूल पकड़ रहा है। सरकार ने जांच के लिए शनिवार को SIT बना दी, जो रविवार रात तक अयोध्या पहुंचेगी। सूत्रों से मिली खबर के अनुसार, 3 दिन पहले ही केंद्र सरकार ने एक IPS अफसर को यहां भेज दिया था। उनकी देख-रेख में चढ़ावा चोरी मामले की गोपनीय जांच चल रही है। हालांकि, इसको लेकर अधिकारी अभी चुप्पी साधे हैं। इधर, चढ़ावा चोरी में अब तक 5 लोगों (लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रमाशंकर) के नाम सामने आए हैं। इन लोगों की निशानदेही से अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हुई है। ये सभी दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े हैं। अब तक हुई रिकवरी भी इन्हीं पांच लोगों ने कराई है। लवकुश और अनुकल्प पुलिस हिरासत में हैं। वहीं, सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने रविवार को कहा कि जिन ट्रस्ट पदाधिकारियों पर आरोप लगे हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक उनके पदों से हटाया जाए। ट्रस्ट की वर्तमान कमेटी को भंग कर नई व्यवस्था बनाई जाए। पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की निगरानी में कराई जाए। इससे पहले शनिवार को राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे भाजपा नेता विनय कटियार ने कहा था कि जितने यहां हैं, ये सब चोर हैं। इनकी छुट्टी करो। छुट्टी कौन करेगा? विनय कटियार कर देंगे। सपा सांसद बोले- निष्पक्ष जांच हो, मामला भावनाओं से जुड़ा अयोध्या के एक होटल में मीडिया से बात करते हुए सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा- राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे और दान से जुड़े आरोप बेहद गंभीर हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जो मुद्दे उठाए हैं, वे केवल राजनीतिक नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़े हैं। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जरूरी है। आरोपी बताए जा रहे चंपत राय समेत सभी संबंधित लोगों को जांच पूरी होने तक मंदिर और पूरे प्रकरण से दूर रखा जाना चाहिए। अभी यह साफ नहीं है कि कितनी धनराशि की गड़बड़ी हुई है। इसलिए बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अगर पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो श्रद्धालुओं का विश्वास प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि सच सामने लाने के लिए सर्वोच्च स्तर पर जांच कराई जानी चाहिए। विनय कटियार बोले- ये सभी चोर जेल जाएंगे या भागेंगे शनिवार को विनय कटियार ने मीडिया से बात करते हुए था- चोरी के मामले की जांच हो रही है। गंभीर मामला है, यह हल्का-फुल्का मामला नहीं है। अरे भाई, इस पर लोग बलिदान हुए हैं। हमारे जैसे लोग, कल्याण सिंह जैसे लोग, ये सब जेल गए हैं। कल्याण सिंह ने इस्तीफा दिया था, तब जाकर के मंदिर का बनना शुरू हुआ था। हम डीआइजी से कहेंगे, इन सभी को पकड़ो और जेल भेजो। नृपेंद्र मिश्र बोले- सरकार ने SIT बना दी है रविवार को निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में शामिल हुए। सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले के मामले में सरकार ने एसआईटी बना दी है। जांच टीम एक सप्ताह में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सरकार को देगी। उन्होंने बताया कि राम मंदिर परिसर की सुरक्षा और सौंदर्यीकरण के लिए करीब 4 किलोमीटर लंबी आधुनिक तकनीक आधारित बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही 25 वॉच टावर भी बनाए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं की जिम्मेदारी इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को सौंपी गई है। लक्ष्य अगस्त- 2026 तक काम पूरा करने का है। रामकथा संग्रहालय में 20 गैलरियां विकसित की जा रही हैं। जीजा-साले के बारे में जानिए, जो पुलिस हिरासत में 1- लवकुश के पिता बोले- 4-5 महीने से राम मंदिर में नौकरी कर रहा था लवकुश अयोध्या के रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव का रहने वाला है। उसके पिता बच्चूलाल ने कहा- मेरा बेटा 4-5 महीने से राम मंदिर में नौकरी कर रहा था। इसी दौरान वहां चोरी की घटना हुई। जांच के सिलसिले में कुछ लोग हमारे घर आए और तलाशी ली। इस दौरान 10 लाख रुपए बरामद हुए। अब जो होना था, वह हो गया। फैजाबाद में बन रहे मकान का मेरे बेटे से कोई संबंध नहीं है। मकान बनाने के लिए मैंने 10-12 बीघा खेत गिरवी रखा है। वहीं, गांववालों का कहना है कि टीम में कुल 6 लोग थे। इनमें 2 पुलिस की वर्दी में थे और 4 सादे कपड़ों में थे। रुपए लवकुश के घर की आलमारी-बक्से में रखे थे, कुछ रुपए उसने गोबर में दबाकर छिपाए गए थे। लवकुश पहले कार मैकेनिक था। मंदिर में नौकरी मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति तेजी से बदली थी। गांव आने पर वह खूब पैसे खर्च करता था। एक बार उसने गांववालों को शराब पिलाने के लिए ठेके पर 50 हजार रुपए खर्च कर दिए थे। लवकुश के पिता बच्चूलाल गाजियाबाद की लोहा मंडी में काम करते हैं। बच्चूलाल की 3 बेटियां और एक बेटा लवकुश है। लवकुश की शादी 8 साल पहले हुई थी। उसका 6 साल का बेटा और 2 साल की बेटी है। 2- अनुकल्प मिश्रा: मंदिर में नौकरी करता है लवकुश के साले अनुकल्प मिश्रा (20) के पिता रविंद्र मिश्रा प्रॉपर्टी डीलर हैं। उनका एक बेटा और 2 बेटियां हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। जबकि छोटी बेटी अभी पढ़ रही है। अनुकल्प परिवार के साथ अयोध्या के कौशलपुरी में रहता है। सूत्रों के मुताबिक, कौशलपुरी में मानस डेंटल हॉस्पिटल के पास एक घर है। यह घर पहले भोजपुरी गायक का था। उसे अनुकल्प मिश्रा के परिवार ने 64 से 65 लाख रुपए में खरीदा था। इसके बाद परिवार वहीं रहने लगा। वहीं, अनुकल्प के पैतृक गांव में उसके मकान से लगभग 300 मीटर की दूरी पर एक फार्म हाउस भी बनाया गया है। परिवार के पास लगभग 5 से 6 बीघा पैतृक खेती भी है। सरकार ने SIT बनाई, इनमें 3 अफसरों को शामिल किया गया SIT में लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत (IAS), किरन एस. (IPS, आईजी रेंज) और नीलरतन (विशेष सचिव, वित्त) को शामिल किया गया है। किरन एस. सीबीआई में डीआईजी रह चुके हैं। यानी वित्त, कानून के एक्सपर्ट को कमिश्नर लीड करेंगे। विजय विश्वास पंत: IIT कानपुर से बी.टेक पास हैं। अभी लखनऊ के मंडलायुक्त हैं। SIT की अध्यक्षता करेंगे। चढ़ाव और दान की व्यवस्था को समझेंगे। बेहतर करने के सुझाव देंगे। किरन एस.: अपराध की जांच का लंबा अनुभव है। चढ़ावा चोरी के आरोपों की तह तक जाएंगे। यानी, पुलिस के एंगल से जांच संभालेंगे। नीलरतन: वित्त विभाग में विशेष सचिव हैं। यह मंदिर के ऑडिट, दान और वित्तीय लेन-देन का निरीक्षण करके रिपोर्ट तैयार करेंगे। सपा नेता पवन पांडे बोले- जिम्मेदार नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें CBI जांच के लिए हाईकोर्ट में PIL दाखिल मंदिर के चढ़ावे की चोरी के दावे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में शुक्रवार को जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई थी। स्थानीय अधिवक्ता मोहित अशोक ने याचिका दायर की है। इसमें चोरी के दावे की जांच CBI से कराने की मांग की गई है। साथ ही चढ़ावे का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से कराने की भी मांग की गई है। याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई हो सकती है। सपा प्रमुख और पूर्व मंत्री ने चोरी का मुद्दा उठाया था राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती का सिस्टम और कमियां राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे की CCTV की निगरानी में रोजाना गिनती होती है। कमी- आम श्रद्धालु इस गिनती को नहीं देख सकता। न ही CCTV फुटेज सार्वजनिक किए जाते हैं। गिनती के बाद दान की रकम को रजिस्टर पर चढ़ाया जाता है। फिर उसे मंदिर परिसर में बने लॉकर में रख दिया जाता है। अगले दिन रुपए बैंक में जमा कराए जाते हैं। कमी- मंदिर में कितना चढ़ावा आया, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नियमित रूप से सार्वजनिक नहीं की जाती। राम मंदिर ट्रस्ट की समय-समय पर होने वाली बैठक में चढ़ावे की रकम की जानकारी दी जाती है। आखिरी बार दिसंबर, 2025 में हुई ट्रस्ट की बैठक में बताया गया था कि ट्रस्ट बनने से अब तक कुल ₹4575 करोड़ का दान मिला है। कमी- इसके बाद जून, 2026 तक कितना चढ़ावा आया, यह किसी को पता नहीं है। देश के अधिकतर बड़े मंदिरों में ऑडिट का काम अंदरूनी लोग या सरकार करती है। जैसे- शिरडी साईंबाबा मंदिर में चढ़ावे का महाराष्ट्र सरकार का ‘लोकल फंड ऑडिट’ विभाग करता है। कमी- राम मंदिर में चढ़ावे की रकम के ऑडिट का पूरा काम प्राइवेट कंपनी TCS (टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज) करती है। ———————- ये खबर भी पढ़िए- योगी ने राममंदिर चढ़ावे की जांच के लिए SIT बनाई, मंदिर के कर्मचारी के घर ₹10 लाख मिले, गोबर के ढेर में छिपाए थे अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के 7 करोड़ रुपए की चोरी के दावे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट ने शनिवार को सीएम योगी से चोरी के दावे की जांच SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) से कराने की मांग की। इसके कुछ ही घंटों बाद शासन ने 3 सदस्यीय SIT बना दी है। पढ़ें पूरी खबर
राममंदिर चढ़ावे की जांच के लिए दिल्ली से IPS पहुंचे:5 आरोपियों से पूछताछ, 2 करोड़ मिले; कटियार बोले- ये सब चोर, जेल जाएंगे
