सोनीपत में JE और ठेकेदार डेढ़ लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार:पॉल्ट्री फार्म के बिजली कनेक्शन में मांगी थी घूस; ACB ने रंगे हाथों दबोचा

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सोनीपत में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) और उसके साथ मिले ठेकेदार को डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पॉल्ट्री फार्म पर नया बिजली कनेक्शन जारी करने और लाइन लगाने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की दो टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है और उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। पॉल्ट्री फार्म पर लगवाना था नया बिजली कनेक्शन जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता गांव भटगांव में “वरदान पॉल्ट्री फार्म” शुरू कर रहा था। फार्म पर निर्माण कार्य चल रहा था और संचालन के लिए बिजली के नए कनेक्शन की आवश्यकता थी। इसी सिलसिले में शिकायतकर्ता ने बिजली विभाग से संपर्क किया था। जेई पर रिश्वत मांगने का आरोप आरोप है कि भटगांव सब डिवीजन बिजली केंद्र में तैनात जेई सूरज ने नया बिजली कनेक्शन जारी करने और लाइन लगवाने के नाम पर रिश्वत की मांग की। बताया जा रहा है कि जेई ने सीधे पैसे लेने के बजाय गन्नौर निवासी ठेकेदार राहुल को बीच में लगाया था। ठेकेदार के माध्यम से मांगे डेढ़ लाख रुपए शिकायतकर्ता के मुताबिक ठेकेदार राहुल के जरिए डेढ़ लाख रुपए की डिमांड की गई थी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की जांच शुरू की और ट्रैप लगाने की योजना बनाई। एसीबी की दो टीमों ने की संयुक्त कार्रवाई एसीबी की दो अलग-अलग टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए रिश्वत की रकम लेते समय दोनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। कोर्ट में पेश किए जाएंगे आरोपी एसीबी अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं मामले में यह भी जांच की जा रही है कि रिश्वतखोरी के इस नेटवर्क में कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी शामिल तो नहीं है। एसीबी की टीम पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।