NEET पेपर लीक केस में नए खुलासे हुए हैं। CBI को संकेत मिले हैं कि पिछले साल भी NEET का पेपर परीक्षा से पहले महाराष्ट्र के लातूर स्थित रेनुकाई करियर सेंटर तक पहुंचा था। कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की पेपर लीक नेटवर्क से पुरानी सांठगांठ भी सामने आई है। भास्कर ने इस कोचिंग से NEET 2025 में सफल छात्रों की पड़ताल की। इसमें 19 छात्रों का AIIMS में सिलेक्शन मिला। 2 छात्रों का AIIMS दिल्ली, 5 का हैदराबाद और 3-3 का भोपाल व वाराणसी AIIMS में सिलेक्शन हुआ। नागपुर, देवघर, गोरखपुर, राजकोट, रायपुर और मंगलगिरी AIIMS में भी एक-एक छात्र पहुंचे। 10 छात्रों से शुरुआत, आज 1500 करोड़ की संपत्ति शिवराज मोटेगांवकर ने करीब 25 साल पहले पार्ट-टाइम शिक्षक के रूप में शुरुआत की थी। 1999-2000 में लातूर की एक छोटी दुकान से 10 छात्रों के साथ ‘आरसीसी क्लासेस शुरू की थी। आज इसका नेटवर्क लातूर, नांदेड़, छत्रपति संभाजीनगर, पुणे, अकोला, नासिक और सोलापुर समेत 8 जिलों तक फैला है। इसमें 40 हजार से ज्यादा छात्र जुड़े हैं। स्थानीय स्तर पर इसकी संपत्ति करीब 1500 करोड़ रुपए बताई जाती है। जांच एजेंसियां अब यह भी देख रही हैं कि ‘वन-ऑन-वन मेंटरिंग’ के नाम पर कितने छात्रों को पेपर बेचा गया। अमीर और पढ़ाई में बेहतर छात्रों को टारगेट करता था सूत्रों के मुताबिक, मोटेगांवकर ऐसे छात्रों को निशाना बनाता था, जो आर्थिक रूप से मजबूत हों और पढ़ाई में औसत से बेहतर हों। परिजनों से डील के बाद इन्हें रेगुलर बैच में शामिल किया जाता था। परीक्षा से पहले आखिरी 15 दिनों में ‘वन-ऑन-वन मेंटरिंग कोर्स’ चलता था। पेपर मिलते ही इन छात्रों को सवाल-जवाब रटवाए जाते थे। CBI को इससे जुड़े कई वीडियो भी मिले हैं। पुणे, नासिक, गुरुग्राम और जयपुर तक फैला नेटवर्क CBI के एक अधिकारी के मुताबिक, मोटेगांवकर कई साल से पुणे की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे के जरिए प्रो. पीवी कुलकर्णी और मनीषा मांढरे के संपर्क में था। नेटवर्क में शामिल गुरुग्राम के यश यादव ने जयपुर के विकास बिवाल को NEET-2025 का पेपर बेचा था। यश को यह पेपर नासिक के शुभम खैरनार से मिला था। आरोप है कि इसी पेपर की मदद से विकास और उसके 5 भाई-बहनों का सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सिलेक्शन हुआ। 15 लाख रुपए में पेपर बेचने का शक CBI ने मंगलवार को नागपुर के सेंट्रल एवेन्यू और इतवारी इलाके में दो छात्रों के घर छापे मारे हैं। यहां से मोबाइल फोन, लैपटॉप, हस्तलिखित नोट्स और दूसरे डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। दोनों छात्रों ने इस साल NEET परीक्षा दी थी। CBI को शक है कि पुणे नेटवर्क के जरिए 15 लाख रुपए प्रति छात्र के हिसाब से लीक पेपर बेचा गया। एजेंसी को दोनों छात्रों के मनीषा वाघमारे और केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी से संपर्क के संकेत मिले हैं। री-एग्जाम को फुलप्रूफ बनाने के निर्देश केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को NEET री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 21 जून की परीक्षा सुरक्षित, निर्बाध और पूरी तरह फुलप्रूफ तरीके से कराई जाए। उन्होंने कहा कि पिछली परीक्षा प्रक्रिया में जो भी खामियां सामने आईं, उन्हें पूरी तरह खत्म किया जाए। अब तक 10 गिरफ्तार, सबसे ज्यादा 6 महाराष्ट्र से शिवराज का एग्जाम के बाद का VIDEO वायरल 3 मई को हुई NEET-UG, 12 मई को रद्द NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और रीएग्जाम का फैसला लिया गया। —————————- ये खबर भी पढ़ें… NEET पेपर लीक में NTA अफसर भी शामिल: ब्यूटीशियन से मिला कनेक्शन, CBI के पास सबूत, क्या दोनों सेट लीक हुए NEET पेपर लीक की कड़ियां अब जुड़ने लगी हैं। इस मामले में पहले केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और फिर बॉटनी लेक्चरर मनीषा मांधरे अरेस्ट हुईं। अब NEET एग्जाम कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अफसर के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है। पूरी खबर पढ़ें…
नीट मामला- लातूर का कोचिंग डायरेक्टर पहले पार्ट-टाइम टीचर था:आज ₹1500 करोड़ की संपत्ति; CBI को शक- पिछले साल भी कोचिंग तक पहुंचा था पेपर
