करनाल सांसद एंव केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को कई कार्यकर्मो में हिस्सा लिया। सुबह सबसे पहले वह महापौर रेणु बाला गुप्ता के घर पहुंचे, रेणु की उनकी जेठानी के निधन पर शोक व्यक्त किया। इसके बाद वह भाजपा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी। वहीं, इस बार केंद्रीय मंत्री का काफिला भी चर्चा का विषय बना। आमतौर पर 6 से 7 गाड़ियों के साथ चलने वाला काफिला इस बार सिर्फ 3 गाड़ियों तक सीमित नजर आया। भाजपा नेताओं के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचत संदेश के बाद अब नेता भी इसे अपनाने लगे हैं। हुड्डा की उम्र में मैं ले लूंगा संन्यास राजनीतिक सवालों पर जवाब देते हुए मनोहर लाल ने अपने अंदाज में कहा कि, भूपेंद्र हुड्डा जिस उम्र में आज हैं, उस उम्र में पहुंचकर वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे, क्योंकि हुड्डा उम्र में उनसे बड़े हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। जनसंपर्क ही सबसे बड़ी ताकत मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि, संगठन की मजबूती कार्यकर्ताओं के निरंतर प्रशिक्षण और जनता के बीच सक्रिय संवाद से आती है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय कार्यकर्ता ही सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का सबसे बड़ा माध्यम बनते हैं। गरीब कल्याण की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचे, इसके लिए कार्यकर्ताओं को हर योजना की गहराई से जानकारी होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नई योजनाओं और सरकार की उपलब्धियों को लेकर जनता को लगातार जागरूक करना ही प्रशिक्षण वर्ग का मुख्य उद्देश्य है। दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा NEET परीक्षा विवाद पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, ऐसी घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने विद्यार्थियों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि इस घिनौने खेल में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जनसंख्या अभिशाप नहीं, भारत की सबसे बड़ी पूंजी जनसंख्या को लेकर पूछे गए सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की जनसंख्या देश की ताकत है, कमजोरी नहीं। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों के समय जनसंख्या को अभिशाप कहा जाता था, लेकिन आज यही युवा शक्ति भारत के विकास की सबसे बड़ी ऊर्जा बन रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत अपनी जनसंख्या का उपयोग न केवल देश निर्माण बल्कि दुनिया की सहायता के लिए भी करेगा। वर्क फ्रॉम होम से बचेगा ईंधन देशहित में जरूरी कदम प्रधानमंत्री के आह्वान का समर्थन करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन बचाना देशहित का विषय बन चुका है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण गैस और पेट्रोलियम पदार्थों के आयात पर असर पड़ा है, जिससे कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी विदेशी मुद्रा तेल आयात में खर्च होती है, ऐसे में जहां संभव हो वहां “वर्क फ्रॉम होम” अपनाना समझदारी और जिम्मेदारी दोनो है। उन्होंने कहा कि कोविड काल में देश ने तकनीक की ताकत को महसूस किया और वर्चुअल कार्य प्रणाली को सफलतापूर्वक अपनाया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जो कार्य ऑन साइट जरूरी हैं, उन्हें बाहर जाकर ही करना होगा। लेकिन जो कार्य घर से संभव हैं, उन्हें घर से करने की आदत विकसित करनी चाहिए, ताकि ईंधन की बचत हो सके और ट्रैफिक का दबाव भी कम हो।
मनोहर लाल ने दी हुड्डा को संन्यास लेने की सलाह:करनाल में बोले-भूपेंद्र की उम्र में मैं ले लूंगा, NEET छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होगा
