यूपी में मानसून 18 जून के आसपास दस्तक दे सकता है। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- मानसून केरलम में 26 मई को आ सकता है। अभी की मानसून की स्थिति को देखते हुए यह अनुमान लगाया गया है कि 18 जून को मानसून गोरखपुर के रास्ते यूपी में प्रवेश करेगा। यह एक संभावित तिथि है। जब मानसून केरलम के आगे बढ़ने लगेगा तो सटीक तारीख का आकलन किया जाएगा। शनिवार को पश्चिमी और पूर्वी यूपी में मौसम साफ है। तेज धूप निकली हुई है। मौसम विभाग ने झांसी, ललितपुर समेत 8 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं पिछले 24 घंटे में बांदा प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 43.6°C रिकॉर्ड किया गया। बुधवार और गुरुवार को प्रदेश में आंधी-बारिश से हुई 111 मौतों पर क्रिकेट खिलाड़ियों ने शोक जताया है। शुक्रवार शाम इकाना स्टेडियम में LSG और CSK के बीच मुकाबले से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने 2 मिनट का मौन रखा। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 2025 के मानसून सीजन (जून से सितंबर) के दौरान औसतन करीब 870 से 900 मिमी बारिश हुई थी। यह सामान्य मानसूनी औसत से लगभग 10% से 15% अधिक थी। यूपी में 111 मौत पर क्रिकेट खिलाड़ियों ने शोक जताया, देखिए 2 तस्वीरें आंधी-बारिश से फसलों को नुकसान, योगी बोले- सरकार जनता के साथ
बारिश और आंधी से फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। खासकर खीरा, ककड़ी और तरबूज जैसी सब्जी फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। सीएम योगी ने गुरुवार को कहा था कि आपदा की इस घड़ी में सरकार किसानों और जनता के साथ खड़ी है। शासन स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंच सके। राहत कार्यों में अफसरों की किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगले 3 दिन कैसा रहेगा मौसम? मौसम में उतार-चढ़ाव क्यों हो रहा?
मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ों पर मौसम लगातार बदल रहा है। कहीं बर्फबारी तो कहीं बारिश हो रही है। किसी-किसी दिन धूप के साथ मौसम साफ हो जा रहा है। अगले कुछ दिन ऐसे ही उतार-चढ़ाव के आसार हैं। इसका असर यूपी में दिख रहा है। पहाड़ों से आने वाली हवाएं मौसम को ठंडा बनाए हैं। बारिश के अनुकूल सिस्टम तैयार कर रही हैं। यूपी में मानसून में कम बारिश होगी, वजह जानिए
जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश में भी सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है।
मानसून 18 जून को तय समय पर UP पहुंचेगा:गोरखपुर के रास्ते एंट्री लेगा, 8 जिलों में हीटवेव का अलर्ट; बांदा रहा सबसे गर्म
