दमोह में चचेरे भाई-बहन की मौत, तीन अस्पताल में भर्ती:परिजन बोले- कमरे में रखे गेहूं में डाला था कीटनाशक, इसकी गंध से हादसा

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दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के जेरठ गांव में दो चचेरे भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि परिवार के दो अन्य बच्चे और एक महिला बीमार हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गेहूं को कीड़ों से बचाने के लिए उसमें डाली गई कीटनाशक दवा की गंध इस हादसे की वजह मानी जा रही है। मृतक बच्ची भावना (12) के पिता दामोदर लोधी ने बताया कि उन्होंने करीब 8 दिन पहले उस कमरे में रखे 80 बोरी गेहूं में कीटनाशक दवा डाली थी, जहां पूरा परिवार सोता है। शुक्रवार सुबह भावना और उसके 7 साल के चचेरे भाई समीर को अचानक उल्टियां होने लगीं। दोपहर होते-होते दोनों की हालत इतनी बिगड़ी कि अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। समीर की मां विनीता का भी एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। दो और बच्चे हुए बीमार दो बच्चों की मौत के कुछ ही घंटों बाद परिवार के दो और बच्चे, 10 साल का विनय और 3 साल का दीपक भी बीमार हो गए। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। पीड़ित बच्चे विनय के पिता दामोदर लोधी का कहना है कि उन्होंने उस गेहूं को खाया नहीं था, बल्कि कीटनाशक की तेज गंध की वजह से ही सबकी तबीयत खराब हुई है। पीड़ित परिवार ने आशंका जताई है कि दुकानदार ने उन्हें जरूरत से ज्यादा तेज गंध वाली दवा दे दी थी। पॉइजनिंग का शक और पुलिस जांच जिला अस्पताल के डॉक्टर बहादुर सिंह के मुताबिक, यह मामला पॉइजनिंग का ही लग रहा है। बच्चों को उल्टियां होने के बाद मृत हालत में अस्पताल लाया गया था। वहीं, जेरठ चौकी प्रभारी गोपाल सिंह ने बताया कि बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और घरवालों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।