करनाल में ई-खरीद पोर्टल पर गेहूं घोटाला:यूपी से लाकर हरियाणा के किसानों के नाम पर बेचा; 5 फर्मों पर केस, जांच में खुलासा

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करनाल जिले के इंद्री की नई अनाज मंडी और बियाना सब यार्ड में गेहूं खरीद के दौरान बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई है। जांच में पता चला कि यूपी और बाहर राज्यों से गेहूं लाकर हरियाणा किसानों के नाम पर पोर्टल में चढ़ाया गया। इसके जरिए सरकारी खरीद प्रणाली को नुकसान पहुंचाया गया। मामले में जांच के बाद 5 फर्मों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न आरोपों में केस दर्ज किया गया है और पुलिस जांच में जुटी है। इंद्री मार्केट कमेटी के सचिव अजीत सिंह ने थाना इंद्री को 7 मई को लेटर के माध्यम से भेजी थी। शिकायत में बताया गया कि गेहूं खरीद सीजन 2026 के दौरान नई अनाज मंडी इंद्री और सब यार्ड में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर जांच, रिकॉर्ड की जांच और स्थानीय स्तर पर पूछताछ की। जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी के सबूत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। यूपी से गेहूं लाकर हरियाणा के नाम पर दिखाया जांच में सामने आया कि कई कमीशन एजेंट उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों से गेहूं लाकर उसे हरियाणा के किसानों के नाम पर ई-खरीद पोर्टल पर दर्ज कर रहे थे। इससे उन्हें गलत तरीके से फायदा हुआ, जबकि सरकारी खरीद प्रणाली को नुकसान पहुंचा। यह पूरी प्रक्रिया नियमों के खिलाफ पाई गई। ड्राइवरों को पैसे देकर पहले उठवाया गेहूं जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ आढ़तियों ने ट्रांसपोर्ट ड्राइवरों को पैसे देकर गेहूं की बोरियों को प्राथमिकता से उठवाया। यह मंडी के तय नियमों और प्रक्रिया के खिलाफ था। खास तौर पर मैसर्स सरधा राम जय भगवान और मैसर्स राम सरूप रतन लाल पर इस तरह के आरोप सामने आए हैं। ट्रांसपोर्ट कंपनी के बयान से खुलासा ट्रांसपोर्टर फर्म मैसर्स नरवाल कंपनी के लिखित बयान में भी इस तरह के अवैध लेनदेन की पुष्टि हुई है। बयान में बताया गया कि कुछ ड्राइवरों और आढ़तियों के बीच पैसे के लेनदेन के बाद गेहूं की लिफ्टिंग में प्राथमिकता दी जाती थी।
सरकार को हुआ नुकसान, पारदर्शिता पर सवाल
इस पूरे मामले से सरकारी खरीद प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार इस तरह की गतिविधियों से सरकारी एजेंसियों को आर्थिक नुकसान हुआ है और सिस्टम की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। लाइसेंस नियमों का उल्लंघन भी पाया गया
जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित फर्मों ने अपने लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन किया है। लाइसेंस की कई शर्तों का जानबूझकर उल्लंघन किया गया, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया। इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
थाना इंद्री में पुलिस ने आज धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। इसके साथ ही मंडी सचिव द्वारा शिकायत के साथ भेजे गए नोटिस, सस्पेंशन ऑर्डर और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।