हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के अकाउंट अफसर (AO) बलवंत सिंह के सुसाइड वाले दिन की पूरी कहानी सामने आई है। सुसाइड वाले दिन यानि 4 मई 2026 की सुबह उन्होंने ऐसा कुछ किया, जो वह रोज नहीं करते थे। ऑफिस के लिए निकलते हुए पत्नी को गले लगाया। बच्चों को आशीर्वाद देते हुए कहा- जिंदगी में जब भी बनना, बड़ा अधिकारी ही बनना। इसके अलावा अपनी गाड़ी के ड्राइवर से सचिवालय में पहुंचने के बाद कहा था कि जब मैं बुलाऊं तभी आना, नहीं तो मत आना। इन सब बातों का का खुलासा राजस्थान के अलवर के रहने वाले उनके बुआ के लड़के राजपाल यादव ने किया। दैनिक भास्कर एप से बातचीत में राजपाल ने ऐसे 6 दावे और किए हैं, जो अभी तक सामने नहीं आए हैं। बता दें कि झज्जर जिले के मुंडा हेरा गांव के रहने वाले बलवंत सिंह ने सोमवार को चंडीगढ़ स्थिति सिविल सचिवालय की 8वीं मंजिल से कूद कर सुसाइड कर लिया था। मंगलवार को उनका पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद शव परिजन लेकर गांव चले गए। हालांकि इससे पहले सुबह चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। PHOTOS… में देखिए सोमवार को सचिवालय में क्या हुआ… सुसाइड वाले दिन अकाउंट ऑफिसर ने किए ये 3 काम… अब यहां पढ़िए भाई ने किए ये 6 खुलासे… पहला खुलासा: 3 अधिकारियों ने ट्रैप में फंसाया राजपाल यादव ने पहला खुलासा किया कि मेरे भाई बलवंत सिंह को इन्हीं के विभाग हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के 3 अधिकारी अमित दीवान, आशीष गोगिया और राजेश पिछले दो महीने से परेशान कर रहे थे। कुलवंत ने उसे बताया था कि इन तीनों ने मुझे बैंक घोटाले में ट्रैप कर लिया है, जिसकी वजह से मैं बहुत परेशान हूं। दूसरा खुलासा: ऑफिशियल चेक बुक को लेकर था परेशान राजपाल यादव ने दावा कि मेरा भाई बलवंत पिछले दो महीने एक ऑफिशियल चेक बुक को लेकर परेशान रहता था। उसने फोन करके बताया था कि उसके विभाग का एक डायरेक्टर लेवल का अधिकारी दो महीने से उसे एक चेक बुक को लेकर परेशान कर रहा है। आशीष और राजेश उस पर चेक देने का दवाब बना रहे थे, जिसको इन लोगों ने जबरन छीन लिया था। तीसरा खुलासा: बैंक स्कैम का कोई पैसा नहीं आया बलवंत के भाई ने दावा किया कि आईडीएफसी बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के 590 करोड़ के घोटाले का एक भी पैसा न तो मेरे भाई और न ही परिवार के किसी सदस्य के खाते में आया है। उन्होंने कहा कि वह अपनी ईमानदारी के कारण ही आज इस हाल में पहुंचा है। मेरे भाई का इस पूरे घोटाले से कोई लेना देना नहीं है। चौथा खुलासा: नोटिंग करने से रोक रहे थे अधिकारी राजपाल यादव ने बताया कि कुछ अधिकारी उसके भाई को नोटिंग करने से रोक रहे थे। इन अधिकारियों उससे कहना था कि इस पूरे मामले में नोटिंग मत कर नहीं तो हम तुझे फंसा देंगे, जिसके बाद तू बर्खास्त हो जाएगा। इसको लेकर बलवंत बहुत टेंशन में था, यहां तक वह मुझसे मिलने के लिए और सलाह करने के लिए 13 अप्रैल को अलवर तक पहुंच गया था, लेकिन ये मेरा दुर्भाग्य था कि मैं उस दिन उससे मिल नहीं पाया था। 5वां खुलासा: CBI ने जब्त कर लिया था फोन राजपाल ने बताया कि सीबीआई की टीम ने कुछ दिन पहले उसका मोबाइल एक दिन के लिए जब्त कर लिया था। मगर, एक दिन बाद ही उसे लौटा दिया था। इसके अलावा जांच टीम ने चेक पर किए गए उसके सिग्नेचरों का भी मिलान किया था, लेकिन ये एक दूसरे से मैच नहीं हो पाए थे। टीम के अधिकारियों ने उसे आश्वसस्त कर दिया था कि वह इस मामले में निर्दोष है, जल्द ही ये पूछताछ का सिलसिला खत्म हो जाएगा। छठा खुलासा: सुसाइड नोट भी बलवंत ने लिखा राजपाल ने दावा कि सुसाइड से पहले बलवंत ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जो इस समय पुलिस के पास है। उन्होंने बताया कि सुसाइड नोट चंडीगढ़ पुलिस की जांच टीम केस के रिकॉर्ड में शामिल कर रही है। इस नोट में कुछ ऐसे अफसरों के नाम हैं, जो इस बैंक घोटाले से जुड़े हुए हैं। उन्होंने दावा कि एक आईएएस अफसर भी इस पूरे मामले में इन्वाल्व रहा है। ———————————————– अकाउंट ऑफिसर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अकाउंट ऑफिसर सुसाइड केस में 3 पर FIR:एक आरोपी जेल में बंद; बैंक घोटाले में पूछताछ से पहले हरियाणा सचिवालय की बिल्डिंग से कूदे थे चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सचिवालय की बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने बलवंत की पत्नी की शिकायत पर हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के पूर्व चीफ फाइनेंस ऑफिसर (CFO) अमित दीवान, आशीष गोगिया और राजेश को नामजद किया है। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा- अकाउंट ऑफिसर के सुसाइड केस की पूरी कहानी:बीवी को गले लगाया, बेटे को आशीर्वाद दिया-बड़ा अधिकारी ही बनना; भाई के 6 बड़े खुलासे
