मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव रविवार को इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (IPEC) का भूमिपूजन किया। ग्राम नैनोद में आयोजित इस कार्यक्रम प्रोजेक्ट के पहले चरण का काम अब शुरू हो सकेगा। यहां सीएम ने किसानों को भूस्वामियों को विकसित भूखंड के अलॉटमेंट लेटर भी सौंपे। उनके साथ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक मधु वर्मा सहित अन्य भाजपा नेता भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यह कॉरिडोर मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति को नई दिशा देगा और इंदौर को अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इसे राज्य के सबसे महत्त्वपूर्ण विकास प्रोजेक्ट्स में शामिल बताया। सीएम और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान ग्रैंड शेरेटन होटल में पत्रकार वार्ता को संबोधित करेंगे। यहां कृषि मंत्री चौहान इंदौर में आयोजित होने जा रही ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की बैठक संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी पत्रकार साथियों के साथ साझा करेंगे सीएम के पहुंचने से पहले गिरा आयोजन स्थल का मेन गेट इससे पहले सीएम के कार्यक्रम स्थल में पहुंचने से पहले बड़ा हादसा टल गया, भूमिपूजन स्थल पर लगा मेन गेट अचानक गिर गया, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। जिसके बाद वहां मौजूद अधिकारियों ने तत्काल गेट को क्रेन की मदद से उसी जगह पर दोबारा खड़ा करवाया। बता दें कि यह परियोजना प्रदेश में अधोसंरचना, उद्योग और शहरी विकास को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाने की सरकार की रणनीति को दर्शाती है। वहीं इसके बाद सीएम यादव शाम 5 बजे शेरेटन होटल में आयोजित हो रही कृषि संबंधी बैठक के पश्चात प्रेसवार्ता करेंगे। किसानों की सहमति से साकार हुआ प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना लंबे समय से लंबित थी, क्योंकि भूमि अधिग्रहण में किसानों की सहमति नहीं मिल पा रही थी। बाद में मुआवजा राशि को 50% से बढ़ाकर 70% किए जाने के बाद अधिकांश किसानों ने सहमति दी, जिससे अब यह परियोजना धरातल पर उतर सकी है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा कॉरिडोर प्रस्तावित कॉरिडोर में कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें अंडरग्राउंड सर्विस कॉरिडोर, भविष्य की मेट्रो लाइन, मल्टी-लॉजिस्टिक हब, ऑटो क्लस्टर से सीधा संपर्क, आईटी और फिनटेक सेक्टर के लिए विशेष जोन, ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल एरिया, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर यूनिट्स, होटल एवं बिजनेस जोन होंगे। निवेश और रोजगार के बड़े अवसर मुख्यमंत्री के कहा कि प्रोजेक्ट में लगभग 20 हजार करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है, जिससे करीब 1 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वर्तमान में इंदौर की जीडीपी लगभग 1.25 लाख करोड़ है, जो आने वाले समय में 2.70 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है। फिनटेक सिटी का भी होगा विकास उन्होंने यह भी बताया कि इंदौर में गुजरात की तर्ज पर फिनटेक सिटी विकसित की जाएगी, जिससे निवेश और नवाचार के नए अवसर खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट को इंदौर के भविष्य का मार्ग बताते हुए कहा कि यह केवल एक कॉरिडोर नहीं, बल्कि शहर के आर्थिक और औद्योगिक विकास की दिशा तय करने वाला बड़ा कदम है। सुपर कॉरिडोर को पीथमपुर निवेश क्षेत्र से जोड़ेगा यह कॉरिडोर इंदौर एयरपोर्ट के समीप स्थित सुपर कॉरिडोर को पीथमपुर निवेश क्षेत्र से जोड़ेगा। इसे एक सुव्यवस्थित औद्योगिक धुरी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे औद्योगिक इकाइयों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही लॉजिस्टिक्स, परिवहन और बाजार तक पहुंच अधिक सुगम और प्रभावी बनेगी। इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के जरिए पीथमपुर निवेश क्षेत्र, लॉजिस्टिक हब, टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को एकीकृत कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी। इससे उत्पादन और वितरण तंत्र में सुधार होगा और उद्योगों के संचालन की प्रक्रिया सरल बनेगी। यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट न केवल इंदौर क्षेत्र के औद्योगिक क्लस्टर्स को मजबूत करेगा, बल्कि मध्य प्रदेश को एक आदर्श निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही इससे प्रदेश में निवेश प्रवाह बढ़ने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की भी उम्मीद है। प्रोजेक्ट की खासियत
सीएम ने किया इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का भूमिपूजन:20 हजार करोड़ निवेश और 1 लाख रोजगार की संभावना, कार्यक्रम से पहले मेन गेट गिरा, अफरातफरी मची
