जबलपुर की मुस्कान को चाहिए मदद:लिवर ट्रांसप्लांट के लिए पुलिस आई आगे; पीड़िता बोली- श्रीकृष्ण हैं सहारा

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जबलपुर के सिविल लाइन में रहने वाली 25 वर्षीय मुस्कान बर्मन का लिवर खराब हो गया है। 2021 में जब उसे पता चला कि वह इस बीमारी का शिकार हो गई, तब भी उसने हिम्मत नहीं हारी। एसपी की पाठशाला भी ज्वाइन की और क्लास भी जाती रही। जैसे-जैसे उसकी तकलीफ बढ़ती गई पढ़ाई और नौकरी दोनों से दूर हो गई। बीमारी के दौरान मुस्कान का इलाज परिवार वालों ने जबलपुर से लेकर नागपुर, भोपाल, दिल्ली में भी करवाया, लेकिन राहत नहीं मिली। मुस्कान हैदराबाद गई थी जहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद बताया कि लिवर ट्रांसप्लांट करना होगा। मुस्कान ने बताया कि मैं तो पुलिस में भर्ती होना चाहती थी। सोचा था जनता की सेवा करूंगी। जैसे ही मुझे पता चला कि मेरा लिवर खराब हो गया है, उसके बाद भी मैंने अपनी परेशानी को दरकिनार कर दिया। पर ज्यादा दर्द हुआ तो क्लास जाना छोड़ दिया। अब जीने की उम्मीद भगवान श्रीकृष्ण और प्रदेश की जनता से है। पिता की छोटी सी दुकान शहर के सिविल लाइन में रहने वाली 25 वर्षीय मुस्कान के परिवार में माता-पिता के अलावा एक भाई और बहन है। पिता की घर में आटा चक्की है। मां ग्रहणी हैं। जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि हर हाल में लिवर ट्रांसप्लांट करना ही होगा, जिसके लिए 35 से 38 लाख लगेंगे। इतनी बड़ी राशि सुनकर माता-पिता के होश उड़ गए। मां ने अपने जेवरात बेचकर बच्ची का इलाज जारी रखा, लेकिन सुधार नहीं हुआ। मां-बेटी ने आम लोगों से मदद मांगना शुरू कर दिया। राशि इतनी अभी तक जमा नहीं हो पाई कि लिवर बदल सके। परिवार में पिता ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं, जो भरण-पोषण करते हैं। 2021 में बीमारी का पता चला मुस्कान ने बताया कि उसने ग्रेजुएशन के बाद एमबीए किया। लक्ष्य था पुलिस में भर्ती होना, जिसके लिए एसपी की पाठशाला भी ज्वाइन की। पीलिया होता था जिसका इलाज करवाया था। अंदर ही अंदर लिवर में दवाइंया इफ्केट करती रही। 2021 में पता चला कि लिवर में परेशानी बढ़ रही है। 2025 में तकलीफ ज्यादा बढ़ गई। मां बोली-लोग फ्राड समझते हैं मुस्कान की मां सविता बर्मन का कहना है कि बच्ची की जान बचाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। जो जैसा बोलता है, वैसा करते हैं। लोगों से मदद मिल जाए, जिससे कि बच्ची की जान बच जाए। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया का भी सहारा लिया है, बहुत से लोग तकलीफ सुनकर मदद भी कर रहे हैं। फोन पर बात भी करते हैं, तो कुछ लोग ऐसे में मिल जाते हैं, जो हमारी समस्या को फेंक समझते हैं और बदतमीजी करते हैं। बच्ची की मां का कहना है कि अगर सब लोग सिर्फ 50-50 रुपए भी देंगे तो इलाज के लिए राशि जुटा लेगें। अभी तक चार से पांच लाख रुपए इकट्ठा हो गए है, पर यह बहुत कम है। जब कभी भी बच्ची की तबीयत बिगड़ती है, तो इलाज के लिए उसे अस्पताल में भर्ती करवाना होता है। जबलपुर पुलिस करेगी मदद मुस्कान के लिवर की समस्या को लेकर आम जन के साथ-साथ अब जबलपुर पुलिस भी आगे आई है। गुरुवार को मुस्कान की मां सविता बर्मन ने रेंज के डीआईजी अतुल सिंह और एसपी संपत उपाध्याय से मुलाकात कर परेशानी बताई। पुलिस अधिकारी और एसपी की पाठशाला के सदस्यों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया। जबलपुर पुलिस ने अभी तक करीब 80 हजार रुपए की मदद की है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि मुस्कान एसपी की पाठशाला में पढ़ने आती थी और होनहार छात्रा है। सोशल मीडिया में मिल रही है मदद मुस्कान की परिवार वालों ने आम जनता के सामने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं। रिश्ते में मुस्कान के बढ़े भाई लगने वाले दीपेंद्र ने सोशल मीडिया में एक वीडियो पोस्ट करते हुए जबलपुर और प्रदेश की जनता से मदद मांगी है।