अभय चौटाला बोले-ट्रैक्टर हटवाओ नहीं तो सारा दिन कान पकड़वाऊंगा:इनेलो अध्यक्ष ने मंडी सचिव को दी चेतावनी; माइक पर बुलवाया फोन नंबर

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इनेलो के अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला आज (बुधवार) को फतेहाबाद की अनाज मंडी पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों को आ रही परेशानियों को लेकर चर्चा की। साथ ही अभय चौटाला ने मंडी सचिव को भी चेतावनी दे डाली। उन्होंने कहा कि एडिशनल मंडी के बाहर ट्रैक्टरों की लाइन लगी हुई थी। उन्होंने मंडी सचिव अमित रोहिल्ला को फोन कर कहा कि वापसी में मुझे सिरसा जाना है। अगर उस टाइम ट्रैक्टरों की लाइन दिखाई दी, तो पूरे दिन कान पकड़वा कर मंडी के आगे रखूंगा। इसके बाद माइक में बोलते हुए उन्होंने मंडी सचिव को बुलाया। उनके पास पहुंचे सचिव से कहा कि माइक पर आकर बताओ, किसानों को कोई दिक्कत नहीं आएगी। इसके बाद सचिव से सबको अपना फोन नंबर बताने को भी कहा। इस पर सचिव ने माइक पर अपना फोन नंबर भी बोला। दरअसल, अभय चौटाला प्रदेश की सभी अनाज मंडियों का दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को फतेहाबाद अनाज मंडी में पहुंचे। यहां उन्होंने किसान कल्याण केंद्र पर सभा को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह, प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा, महिला प्रदेश प्रभारी सुनैना चौटाला, राष्ट्रीय प्रवक्ता उमेद लोहान भी मौजूद रहे। बॉयोमेट्रिक वेरिफिकेशन पर उठाए सवाल अभय चौटाला ने कहा कि बीजेपी सरकार ने गेहूं खरीद के लिए बॉयोमेट्रिक वेरिफिकेशन का नियम बनाकर किसानों को परेशान करने का काम किया है। मगर इनेलो ने मजबूती से किसानों की आवाज बुलंद कर सरकार को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है। इनेलो के संघर्ष की बदौलत ही सरकार ने नियमों में ढील भी दी है। अभय चौटाला ने कहा कि सरकार तो खरीद केंद्रों को बंद कर रही थी। इसके बाद इनेलो का प्रतिनिधिमंडल सीएम से मिला। कुछ लोग बोले वोट बेचने गए, लेकिन उनमें तो लड़ने की हिम्मत नहीं थी।
हमें अंदाजा लगा था कि सीएम किसान का बेटा है, वो गलत नहीं करेगा। माजरा साहब ने सीएम काे हिंदी में पढ़कर सुनाई चिट्ठी अभय चौटाला ने सीएम नायब सैनी पर चुटकी लेते हुए कहा कि जब इनेलो प्रतिनिधिमंडल ने सरकार की चिट्‌ठी सीएम को दिखाई, तो वह अंग्रेजी में लिखी थी। इसके बाद सीएम कभी चिट्‌ठी, तो कभी मेरी तरफ देखने लगे। इसके बाद मैंने माजरा साहब से कहा कि इसको हिंदी में बताओ, तब समझ आएगी। फिर माजरा साहब ने पढ़कर बताया। फिर सीएम ने कहा कि बूथ पर डबल लाइसेंस नहीं होना चाहिए। हमने कहा कि इसका मतलब अधिकारी आपसे पूछते नहीं। हमने पूछा चिट्ठी वापस लेगा या इसको लागू करेगा। सीएम ने कहा कि वापस कर दूंगा। मगर 17 दिन निकल गए, कोई फैसला नहीं आया। फिर हमने गवर्नर से मिलने का फैसला किया। इसके बाद सीएम ने मीटिंग बुलाकर फैसला किया कि सुबह शाम किसान गेहूं बेच सकेंगे, खरीद केंद्रों को फिर से चालू करना पड़ा। मगर बॉयोमैट्रिक आज भी जारी है, किसान को डरा रहे हैं। एक भी किसान का पैसा सरकार ने रोका, तो इनेलो सहन नहीं करेगी। पहले कह रहे थे कि बिना अंगूठा लगाए फसल नहीं बिकेगी, अब कह रहे हैं पर्ची काट कर देंगे।