झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में पुलिस ने नवजात बच्चों की तस्करी करने वाले एक बड़े और संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में एक महिला समेत कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह का सरगना अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। जांच के दौरान सामने आया है कि यह गिरोह अब तक 50 से ज्यादा नवजात बच्चों की तस्करी कर चुका है। इतने बड़े स्तर पर बच्चों की खरीद-फरोख्त से साफ है कि यह एक संगठित और लंबे समय से सक्रिय नेटवर्क था, जो अलग-अलग राज्यों में फैला हुआ था। सरगना ‘लाडी’ फरार, लगातार दबिश जारी इस गिरोह का सरगना ‘लाडी’ बताया जा रहा है, जो पंजाब का रहने वाला है। फिलहाल वह फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसके बाद इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। 2 से सवा 2 लाख में खरीद, 9 से 10 लाख में बेचते थे बच्चे एसीपी क्राइम प्रदीप नैन के अनुसार, यह गिरोह नवजात बच्चों को 2 लाख से लेकर सवा 2 लाख रुपए तक में खरीदता था। इसके बाद इन्हीं बच्चों को 9 से 10 लाख रुपए तक की कीमत में निसंतान दंपतियों को बेच दिया जाता था। इस पूरे अवैध धंधे में आरोपी मोटा मुनाफा कमा रहे थे और मासूम बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे थे। सोशल मीडिया के जरिए बनाते थे ग्राहक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर ग्राहकों तक पहुंच बनाता था। आरोपी इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए ऐसे दंपतियों से संपर्क करते थे जो संतान नहीं होने के कारण बच्चे गोद लेना चाहते थे, और फिर उनसे मोटी रकम लेकर अवैध तरीके से नवजात बच्चों की सप्लाई करते थे। 2 नवजात बच्चे बरामद, बेचने वाले माता-पिता भी गिरफ्तार पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर 2 नवजात बच्चों को सुरक्षित बरामद किया है। साथ ही इस मामले में अपने ही बच्चों को बेचने वाले 2 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। यह पहलू मामले को और भी संवेदनशील बनाता है। बरामद किए गए दोनों नवजात बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर डिपार्टमेंट को सौंप दिया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है। कई राज्यों में फैला था गिरोह का नेटवर्क पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क सिर्फ हरियाणा तक सीमित नहीं था, बल्कि दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में फैला हुआ था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 गाड़ियां और कई अहम दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जो इस संगठित तस्करी रैकेट के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं। पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में जुटी पुलिस फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और फरार सरगना ‘लाडी’ की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए हर पहलू पर जांच की जा रही है और आने वाले समय में और भी गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे संभव हैं। एसीपी प्रदीप नैन का कहना हैं कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। जल्द ही फरार सरगना को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस पूरे रैकेट का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जाएगा।
बहादुरगढ़ में नवजात तस्करी गिरोह का खुलासा:50 से ज्यादा बच्चों की खरीद-फरोख्त, महिला समेत 11 आरोपी गिरफ्तार, 2 नवजात मिले
