मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए तीन प्रभारी नियुक्त किए हैं। इनमें फिरोजाबाद सांसद अक्षय यादव, एटा सांसद देवेश शाक्य और एमपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गौरी सिंह यादव को प्रभारी बनाया है। तीनों प्रभारी पहली बार भोपाल पहुंचे। अखिलेश यादव के चचेरे भाई और यूपी की फिरोजाबाद सीट से सांसद अक्षय यादव और एटा से सांसद देवेश शाक्य ने दैनिक भास्कर से बातचीत की पहले पढ़िए.. सांसद अक्षय यादव से बातचीत… भास्कर: यूपी में सपा ने गठबंधन से चुनाव लड़ा और पार्टी को सफलता भी मिली, एमपी के चुनावों में क्या गठबंधन करेंगे?
अक्षय यादव: अभी तो चुनाव में बहुत समय है। समाजवादी पार्टी अपने दम पर कैसे चुनाव जीते और मध्य प्रदेश में सरकार बना सके। इस सोच के साथ हम लोग मप्र आए हैं। यहां की कार्यकारिणी,पदाधिकारी को कैसे मजबूती दी जा सकती है। इसपर हम लोग काम करेंगे। भास्कर: एमपी में अखिलेश यादव कितना समय देंगे?
अक्षय यादव: अभी तो अगले साल यूपी में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं तो उनकी वहां व्यस्तता रहेगी। यूपी के चुनावों के बाद वे यहां समय देंगे। उनके प्रतिनिधि के रूप में मैं देवेश जी, गौरी जी के साथ संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे। भास्कर: एमपी की निवाड़ी सीट से सपा की विधायक रहीं मीरा यादव पर 35 हजार रुपए की लूट का केस दर्ज हुआ था, इस पर आप क्या कहेंगे?
अक्षय यादव: भाजपा की सरकार जहां-जहां है वो दूसरों को बदनाम करने और जबरदस्ती झूठे मुकदमे लिखवाने का काम कर रही है। कोर्ट में मामला चलेगा तो सारी सच्चाई सामने आएगी। भास्कर: क्या सपा के प्रभाव वाले बॉर्डर के इलाकों पर ज्यादा फोकस रहेगा?
अक्षय यादव: अभी हमारा फोकस संगठन को मजबूत करने पर है। हम पूरी मजबूती के साथ मध्य प्रदेश में चुनाव लड़ेंगे और बॉर्डर का जो क्षेत्र यूपी से जुड़ा हुआ है वहां पर हमारे कार्यकर्ता एमपी में मदद करेंगे। और एमपी के कार्यकर्ता यूपी के चुनाव में हमारी मदद करने का काम करेंगे। भास्कर: अगले साल एमपी में नगरीय निकाय के चुनाव में सपा की क्या भूमिका होगी?
अक्षय यादव: अभी पूरा फोकस पार्टी को मजबूत करने पर है। उसके बाद यदि पार्टी को लगेगा कि निकाय चुनाव लड़ना है तो पूरी ताकत से पार्टी चुनाव में उतरेगी। बीजेपी लोगों को बांटने का काम करती है हम लोगों को जोड़ने का काम करते हैं। हम चाहते हैं कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और नौकरी मिले। किसी के साथ अन्याय न हो। इसी लड़ाई को हम लोग लड़ने का काम करेंगे। भास्कर: बीजेपी नेता सपा को परिवार वाद की पार्टी कहते हैं?
अक्षय यादव: हम लोग सदन में बैठते हैं तो चारों तरफ देखते हैं हर पार्टी में परिवार से लोग आते हैं। मैं परिवार वाद की परिभाषा को समझना चाहता हूं। जब डॉक्टर का बच्चा डॉक्टर बनता है, इंजीनियर का बच्चा इंजीनियर बनता है तो राजनीतिक परिवार के बच्चे अगर राजनीति में आते हैं तो परिवार वाद किस बात का…जनता चुनती है वोट देती है तो वहां ऐसे आरोप नहीं लगाने चाहिए। भास्कर: एमपी में बीजेपी ने शिवराज सिंह की जगह मोहन यादव को सीएम बनाया, आप लोगों की नजर में मोहन यादव कैसा काम कर रहे हैं?
अक्षय यादव: जिस तरीके के काम होने चाहिए वैसे काम नहीं हो रहे। हम लोगों ने जैसी चर्चा सुनी कि मप्र में फसल की खरीद की डेट निर्धारित नहीं हो पा रही है। तो कहीं न कहीं मुख्यमंत्री के रूप में वे फेल हैं। भास्कर: असम, पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों के चुनावों में कैसे परिणाम आएंगे?
अक्षय यादव: मुझे लगता है कि ये चुनाव परिवर्तन का है। और हर जगह बीजेपी हारेगी। एटा सांसद देवेश शाक्य से हुई बातचीत को पढ़िए…. भास्कर: मध्य प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए क्या तैयारी है?
देवेश शाक्य: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के दिशा निर्देशन में मप्र में संगठन को और मजबूत करने के लिए आए हैं। हम जमीन से जुड़ सकें और उसका आने वाले चुनाव में पार्टी को लाभ मिले। भास्कर: अखिलेश जी ने पीडीए का जो नारा दिया है, आपको लगता है कि चुनाव में ये तीनों वर्ग आपके साथ आएंगे?
देवेश शाक्य: पीडीए वर्ग नहीं है ये पिछडे़, दलित, अल्पसंख्यक के साथ-साथ पीड़ित अपमानित और दुखी लोग भी हैं जिनके साथ समाजवादी पार्टी खड़ी है। भास्कर: एमपी में एक समय सपा के आठ विधायक होते थे। आज आंकड़ा शून्य है, ये संख्या बढ़ाने क्या रणनीति है?
देवेश शाक्य: हम अपनी जमीन मजबूत करने के लिए संगठन को मजबूत करेंगे। और संगठन के माध्यम से यह प्रयास करेंगे कि चुनावों ज्यादा से ज्यादा सीटें आएं। भास्कर: विंध्य से लेकर बुंदेलखंड और चंबल तक सपा का सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रभाव है लेकिन, चुनाव में यूपी के लोग आकर चुनाव लड़ते हैं, ऐसा क्यों?
देवेश शाक्य: इस बार हम लोगों का प्रयास रहेगा कि यहां की जनता जिसे चाहती है वही प्रत्याशी होंगे, और कैंडिडेट भी ऐसे होंगे जो जीत का आधार तय करते हों। भास्कर: यूपी में अगले साल चुनाव हैं आप प्रभारी के नाते एमपी में कितना समय देंगे?
देवेश शाक्य: प्रभारी के नाते पहले संगठन के लोगों को जिम्मेदारी दूंगा और समय-समय बाद दी गई जिम्मेदारी का अवलोकन भी करूंगा। ताकि चुनाव के समय तक धरातल पर हमारा संगठन मजबूती से तैयार हो सके।
परिवारवाद पर बोले सपा सांसद अक्षय यादव:कहा- डॉक्टर का बेटा डॉक्टर बन सकता है फिर राजनीतिक परिवार के बच्चे नेता बनें तो कैसा परिवारवाद
