सरसों की सरकारी खरीद शुरू हुए तीन दिन पूरे हो चुके हैं। सरकारी एजेंसियां अभी तक सरसों खरीद में अपना खाता नहीं खोल पाई हैं। प्राइवेट खरीददार अब तक करीब 90 हजार क्विवंटल सरसों की खरीद कर चुके हैं। पिछले साल मार्च माह के अंत तक 60 हजार क्विंटल सरसों की खरीद हुई थी। मंगलवार को मंडी की छुट्टी होने के कारण सरसों की खरीद नहीं होगी। प्रदेश में 28 मार्च को मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद शुरू हुई थी। 27 मार्च तक प्राइवेट खरीददारों ने करीब 60 हजार सरसों की खरीद की थी। 30 मार्च को यह आंकड़ा 90 हजार क्विंटल तक पहुंच गया। तीन दिन में मंडी में करीब 30 हजार क्विंटल सरसों की खरीद हुई, परंतु इसमें से सरकार को एक भी दाना खरीदने को नहीं मिला। प्राइवेट खरीददारों द्वारा एमएसपी से अधिक भाव देने के कारण कोई भी किसान सरकारी एजेंसियों को अपनी फसलें बेचने को तैयार नहीं हो रहे हैं। 57744 कसानों का पंजीकरण इस साल जिले में 57744 किसानों ने अपनी सरसों का मेरी फसल, मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया हुआ है। जिनका कुल रकबा 177789 एकड़ है। पिछले रबी के सीजन में सरसों के लिए पोर्टल पर 52137 किसानों ने पंजीकरण करवाया था। इस साल पंजीकरण करवाने वाले किसानों की संख्या 5607 अधिक है। मंगलवार को खरीद बंद रहेगी मार्केट कमेटी सचिव मनीष कुमार ने कहा कि एमएसपी से अधिक भाव मिलने के चलते अभी किसी किसान ने सरकार को सरसों नहीं बेची है। कल छुट्टी के चलते मंडी बंद रहेगी। अब तक करीब 90 हजार क्विंटल टन सरसो की खरीद हो चुकी है। गत वर्ष मार्च में 60 हजार क्विंटल सरसों की खरीद हुई थी।
रेवाड़ी में 3 दिन में खाता नहीं खोल पाईं एजेंसियां:आज मंडी रहेगी बंद, सरसों की खरीद नहीं होगी, अब तक 90 हजार क्विंटल खरीद
