रेवाड़ी में कोसली के विधायक अनिल यादव के गांव की सरपंच पिंकी को शुक्रवार को निलंबित कर दिया। शुक्रवार को कोसली बीडीपीओ दफ्तर में विधायक ने समाधान शिविर लगाया। गांव की सरपंच पिंकी समाधान शिविर में पहुंची। विधायक के सामने ब्लॉक समिति चेयरमैन और ग्राम सचिव पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। जिस पर विधायक ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोप कोई किसी पर भी लगा सकता है। विधायक ने कहा कि भ्रष्टाचार चेयरमैन, सरपंच या ग्राम सचिव किसने किया यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। इसी बात पर BDPO दफ्तर मे जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगे। गांव की सरपंच पिंकी देवी को सस्पेंड कर दिया। सरपंच प्रतिनिधि मुकेश ने फोन पर दैनिक भास्कर एप पर इसकी पुष्टि करते हुए इसके पीछे भी राजनीतिक साजिश बताई। ग्राम सचिव और चेयरमैन के साथ विवाद बताया जा रहा है कि गांव की महिला सरपंच का चेयरमैन किरणपाल और ग्राम सचिव गगराज के साथ लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। महिला सरपंच ने ग्रीवेंस की मीटिंग में मंत्री विपुल गोयल के सामने ग्राम सचिव गगराज को बदलने की मांग की थी। इससे पहले एडीसी और बीडीपीओ के सामने भी मांग कर चुकी है। इसी सप्ताह मीडिया के सामने एक बार फिर ग्राम सचिव पर मनमानी करने और विकास कार्य प्रभावित करने के आरोप लगाए थे। सरपंच बोलीं- आरोप निराधार हैं महिला सरपंच पिंकी ने कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। सरपंच बोलीं, मैं गलत होती तो आज मीडिया के सामने नहीं खड़ी होती। मुझमें सच बोलने की हिम्मत है। सच साबित करके दिखाऊंगी। वहीं, सरपंच प्रतिनिधि मुकेश ने कहा पंचायत द्वारा पक्की की जा रही एक गली को वापस करने के लिए दबाव बना रहे हैं। अपनी इसी मांग को पूरा करवाने के लिए हमारे ऊपर गलत आरोप लगवाए गए हैं। इसी के चलते विधायक ने अधिकारियों पर दबाव बनाकर सस्पेंड करवाया है। विधायक ने आरोपों को नकारा विधायक अनिल यादव ने कहा कि दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। जांच के बाद पता चलेगा कौन सही है और कौन गलत। सरपंच के सस्पेंशन की मेरे पास कोई सूचना नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो यह प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों द्वारा लिया गया निर्णय होगा। इसमें मेरा कोई हाथ नहीं है और सभी आरोप निराधार हैं।
रेवाड़ी में MLA के गांव की महिला सरपंच सस्पेंड:आरोपों पर विधायक बोले- जांच से पता चलेगा कौन भ्रष्टाचारी
