झज्जर शहर में संवाद भवन के बाहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की गाड़ी सामने खड़ी हो गई। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर मौजूद पुलिस और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पहले मेरी सुनो” कहकर गाड़ी के सामने अड़ी महिला मंत्री जैसे ही कार्यक्रम के बाद रवाना होने लगे, महिला तेजी से गाड़ी के सामने आकर खड़ी हो गई। उसने साफ कहा कि जब तक उसकी शिकायत नहीं सुनी जाएगी, वह हटेगी नहीं। महिला पुलिस और अन्य जवानों ने उसे हटाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी बात पर अड़ी रही। कुछ देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा और लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। स्थिति बिगड़ती देख मंत्री श्याम सिंह राणा ने खुद महिला को बुलाया और उसकी पूरी बात सुनी। इसके बाद मामला शांत हुआ और महिला ने अपनी परेशानी विस्तार से बताई। प्लॉट रजिस्ट्री विवाद का मामला महिला ने बताया कि उसने झज्जर के एक व्यक्ति से प्लॉट खरीदा था, लेकिन लंबे समय से उसकी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही। कई बार थाने और तहसील में शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। जांच और कार्रवाई के निर्देश मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच के आदेश दिए और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया। यहां जानिए क्या है पूरा मामला जगपति झज्जर के हसनपुर की बेटी है , जगपति, पत्नी सुखबीर (निवासी मांडोठी, हाल निवासी दिल्ली) ने अपनी शिकायत में बताया कि वह लंबे समय से एक प्लॉट विवाद को लेकर परेशान है। महिला के अनुसार, उसने वर्ष 2011 में झज्जर में करीब 300 गज का प्लॉट साढ़े 7 लाख रुपए में खरीदा था। उस समय मालिक ने उसे यह कहकर रजिस्ट्री में कम रकम लिखवाई गई कि इससे खर्च कम आएगा। महिला का कहना है कि प्लॉट को लेकर एग्रीमेंट किया गया, लेकिन आज तक उसकी रजिस्ट्री नहीं करवाई गई। इसी वजह से वह लगातार परेशानी झेल रही है। जगपति ने बताया कि उसने कई बार थाने और तहसीलों में शिकायत दी, लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हुई और मामला जस का तस बना रहा। मंत्री का आश्वासन, किसी ने एक नहीं सुनी जगपति ने बताया कि मंत्री श्याम सिंह राणा ने उसी समय मौजूद अधिकारियों के सामने केस दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन मंत्री के वहां से जाने के बाद ना किसी पुलिस वाले ने बात सुनी ना ही किसी अधिकारी ने, सभी वहां से चलते बने। यह मामला सिर्फ एक विवाद नहीं, बल्कि सिस्टम से परेशान एक महिला की उस लड़ाई की कहानी है, जिसमें उसे अपनी आवाज सुनाने के लिए सड़क पर उतरकर मंत्री का काफिला तक रोकना पड़ा।
झज्जर में कृषि मंत्री की गाड़ी के आगे अड़ी महिला:बोलीं- पहले मेरी सुनो, फिर जाने दूंगी; प्लॉट रजिस्ट्री का विवाद लेकर पहुंची
