जनता की नाराजगी दूर करने बीजेपी का मिशन डैमेज कंट्रोल:हफ्ते में दो दिन मंत्रालय में बैठेंगे मंत्री, विधायकों और सांसदों के लिए भी प्लान

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मध्य प्रदेश में जनप्रतिनिधियों की उपलब्धता को लेकर बढ़ती नाराजगी को देखते हुए बीजेपी संगठन और सरकार अब नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत मंत्री, विधायक और सांसद तय दिन और समय पर जनता व कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, ताकि शिकायतों का समाधान सीधे और जल्दी हो सके। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्तर पर इस व्यवस्था को लेकर मंथन चल रहा है। संगठन की ओर से सुझाव दिया गया है कि हफ्ते में कम से कम दो दिन मंत्री मंत्रालय में अपने कक्ष में बैठकर लोगों से मुलाकात करें। आमतौर पर मंगलवार को कैबिनेट बैठक होती है। सोमवार से बुधवार तक मंत्री भोपाल में रहते हैं, ऐसे में इसी दौरान यह व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश कार्यालय में मंत्रियों के बैठने की हुई है शुरुआत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश स्तर से लेकर जिला स्तर तक सहयोग सेल की शुरुआत की है। इसी व्यवस्था के तहत प्रदेश भाजपा कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर रोज एक मंत्री दोपहर एक बजे से तीन बजे तक बैठकर आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से मेल-मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनते हैं। जिला कार्यालयों में अनिवार्य रूप से बैठेंगे सांसद-विधायक नई व्यवस्था के तहत अब बीजेपी के विधायक और सांसद भाजपा के जिला कार्यालयों में अनिवार्य रूप से बैठेंगे। सांसदों के बैठने के लिए संसदीय क्षेत्र के जिलों में महीने में एक दिन बैठने के लिए तय किया जाएगा। वहीं विधायक सप्ताह में दो दिन बैठेंगे। सांसदों विधायकों के बैठने के लिए समय भी तय किया जाएगा। 10 तारीख तक संभागीय और जिला प्रभारी करेंगे दौरे बीजेपी संगठन की ओर से यह व्यवस्था बनाई जा रही है कि हर महीने पहले दस दिनों के बीच, यानी 10 तारीख तक संभागीय प्रभारी और जिला प्रभारी अपने प्रभार के जिलों में दौरे करेंगे। जिलों के प्रवास के दौरान संगठनात्मक विषयों की समीक्षा कर रिपोर्ट बनाएंगे और प्रदेश कार्यालय को भेजेंगे। हर दूसरे महीने में प्रभारी मंत्री करेंगे कोर ग्रुप की बैठक आम तौर पर विधायकों, सांसदों और दूसरे जनप्रतिनिधियों की यह शिकायतें रहती हैं, उनकी समस्याएं सुनी नहीं जा रही हैं। अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बात को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। ऐसे में प्रभारी मंत्री अपने प्रभार के जिले में हर दूसरे महीने में कोर ग्रुप की बैठक करेंगे। हर जिले में बीजेपी के कोर ग्रुप में ये नेता हैं शामिल 21 फरवरी को बीजेपी के प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन ने हर जिले में कोर ग्रुप गठन करने के लिए पत्र जारी किया था। इसके बाद जिलों में कोर ग्रुप बनाए गए हैं। रजिस्टर में दर्ज होंगे कोर ग्रुप के मुद्दे इसी मार्च के महीने से कोर ग्रुप की बैठकों की शुरुआत हुई है। जो मंत्री प्रभार के जिलों में नहीं जा पा रहे थे, उन्होंने शुरुआती महीने की पहली बैठक भोपाल में की है। अब कोर ग्रुप की बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा होगी, उन्हें एक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। ये रजिस्टर संभाग प्रभारी के पास रहेगा। अफसर विशेष की शिकायत तो तुरंत होगा एक्शन कोर ग्रुप की बैठक में जिले के किसी अधिकारी की कार्यप्रणाली के खिलाफ ज्यादातर जनप्रतिनिधि और सदस्य गण आपत्ति करते हैं तो ऐसे अधिकारियों की रिपोर्ट बनाकर संगठन और सरकार तक भेजी जाएगी। जिस अफसर के खिलाफ ज्यादातर जनप्रतिनिधि शिकायत कर रहे हैं उसके खिलाफ एक्शन भी जल्द लिया जाएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बोले– सीएम को सुझाव दिया है… प्लान को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का कहना है कि मुख्यमंत्री जी को संगठन की ओर से यह सुझाव दिया गया है कि कैबिनेट की बैठक के दिन को छोड़कर कोई दो दिन जब अधिकांश मंत्रीगण भोपाल में रहते हैं, उन दिनों में दो घंटे का समय मुलाकातों के लिए तय होना चाहिए। उस अवधि में कोई शासकीय बैठक न रखी जाए, ताकि जनता, पार्टी के कार्यकर्ता, प्रदेश भर के जनप्रतिनिधि मंत्रियों से मिलकर अपनी समस्याएं, विकास के कामों पर चर्चा कर सकें। ऐसी ही व्यवस्था जिलों में विधायकों सांसदों के लिए बना रहे हैं। जल्द ही ये व्यवस्था लागू होगी। ……………………………… यह खबर भी पढ़ें… भिंड सांसद बोलीं- सिंध नदी में हो रहा अवैध खनन मध्य प्रदेश में नदियों से अवैध रेत खनन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। अब यह मुद्दा लोकसभा में भी उठाया गया। सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान भिंड से बीजेपी सांसद संध्या राय ने सिंध नदी में हो रहे अवैध रेत खनन का मामला उठाया। पूरी खबर यहां पढ़ें…