इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर के पुजारी परिवार का पारिवारिक विवाद अब सार्वजनिक हो गया है। मंदिर के पुजारी पुनीत भट्ट की दूसरी पत्नी इंदिरा भट्ट (शर्मा) ने अपने पति और ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न, साजिश रचकर घर से निकालने और तलाक के लिए धमकाने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इंदिरा का कहना है कि घर से बाहर निकालने के लिए उनके पति पुनीत ने बकायदा ऑपरेशन एग्जिट चलाया। वहीं इंदिरा के इन आरोपों को पति पुनीत भट्ट ने सिरे से खारिज कर दिया है। भास्कर ने इस हाई प्रोफाइल मामले में दोनों से बात कर पक्ष जानने की कोशिश की। सबसे पहले पीड़िता इंदिरा की आपबीती 17 दिन का ‘हनीमून पीरियड’ और शादी की जल्दबाजी
इंदिरा बताती हैं कि यह रिश्ता सामान्य प्रक्रिया से नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत जल्दबाजी में तय किया गया। उनके अनुसार, पुनीत भट्ट की ओर से शादी के लिए इतना दबाव था कि हमारी पहली मुलाकात से लेकर शादी तक का सफर महज 17 दिनों में पूरा हो गया। मुझसे कहा गया कि आप बस शादी कर लीजिए, कपड़ों से लेकर अन्य व्यवस्थाओं तक की कोई चिंता मत करिए। मैं एक वर्किंग महिला थी, लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया कि सब कुछ मैनेज हो जाएगा। उस वक्त मुझे लगा जैसे स्वयं खजराना गणेश जी ने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया है। इंदिरा उन दिनों को याद करते हुए कहती हैं कि शादी से पहले उज्जैन में हुई 5 घंटे की मुलाकात और शादी की। वह ‘प्रेग्नेंसी’ जिसने बदल दी पूरी कहानी
इंदिरा ने बताया कि हालात उस समय बदल गए जब पुनीत भट्ट के दत्तक पुत्र उदित की पत्नी गर्भवती हुई। इंदिरा का सीधा आरोप है कि उनके पति ने संतान की चाह में ही उनसे विवाह किया था। लेकिन जैसे ही जुलाई 2025 में यह पुष्टि हुई कि दत्तक पुत्र के घर एक नया मेहमान आने वाला है, पुजारी परिवार के लिए इंदिरा की अहमियत खत्म हो गई। इंदिरा कहती हैं कि यहीं से ऑपरेशन एग्जिट की शुरुआत हुई। इंदिरा ने बताया, जो बेटा (उदित) मुझे ‘मां’ कहकर संबोधित करता था, उसी ने मुझ पर अपनी गर्भवती पत्नी के पेट में लात मारने का झूठा आरोप लगाकर खजराना थाने में FIR दर्ज करा दी। गायब हुआ परिवार और घर पर लग गए ताले इंदिरा के अनुसार, 19 सितंबर 2025 को उनके पति उनसे मिलने आए और आश्वासन दिया कि मामला जल्द ही संभाल लिया जाएगा। मेरे पास आज भी व्हाट्सएप चैट मौजूद है, जिसमें उन्होंने लिखा कि सब मैनेज हो जाएगा। मैं उनके भरोसे पर इंतजार करती रही। वह रात इंदिरा कभी नहीं भूल सकतीं। वह बताती है कि घर के बाहर मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियों के चलते पुलिस की रैलियां हो रही थीं और घर के भीतर मेरा परिवार मेरे खिलाफ स्क्रिप्ट लिखी जा रही थी। मुझे बिना कोई सूचना दिए, मेरा पूरा ससुराल पक्ष घर छोड़कर कहीं गायब हो गया। अगले दिन जब उनके पास पुलिस का फोन आया कि उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है, तो वह थाने पहुंचीं। जब वह वापस लौटीं, तो अपने ही घर पर ताला लगा पाया। वह कहती हैं, उन्होंने मुझे दूध में से मक्खी की तरह निकालकर फेंक दिया। मेरे पास इतने भी कपड़े नहीं थे कि मैं अगले दिन बदल सकूं। मेरी ननद प्रतिमा नागर ने मेरे लाखों के जेवर और 5 लाख रुपये नकद भी हड़प लिए। बीच सड़क पर कार रोककर तलाक की धमकी
कहानी का सबसे नाटकीय मोड़ 29 दिसंबर को आया। इंदिरा के मुताबिक, जब वह अपनी कार से कहीं जा रही थीं, तभी पुनीत भट्ट ने अपनी जान जोखिम में डालकर अचानक उनकी गाड़ी के सामने आकर उसे रुकवा लिया। इंदिरा कहती हैं, “वह मुझसे माफी मांग रहे थे और कह रहे थे कि जो हुआ वह गलत हुआ, लेकिन अब तुम बस ‘म्युचुअल डिवोर्स’ (आपसी सहमति से तलाक) दे दो। पति पुनीत भट्ट का पक्ष आरोप झूठे, मेरी छवि खराब करने की साजिश
दूसरी ओर, खजराना मंदिर के पुजारी पुनीत भट्ट ने अपनी पत्नी इंदिरा के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे तथ्यहीन, निराधार और उनकी सामाजिक मान-प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की एक गहरी साजिश बताया है। उनका कहना है कि मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है और वह सभी सबूत वहीं पेश करेंगे। पुनीत के अनुसार, उनकी पहली पत्नी का निधन 2020 में हो गया था। वह पिछले पांच सालों से अकेले थे और दूसरी शादी इसलिए नहीं कर रहे थे, क्योंकि उन्हें डर था कि इससे पारिवारिक संतुलन बिगड़ सकता है। यह रिश्ता देवास निवासी एक रिश्तेदार अशोक नागर के माध्यम से आया था। हम पहली बार 1 मई 2025 को मिले और 17 मई को हमारी शादी हो गई। पुनीत ने यह भी खुलासा किया कि इंदिरा की भी यह दूसरी शादी है। उनकी पहली शादी 2009 में हुई थी और 2014 में तलाक हो गया था। उनके पहले पति से वैचारिक मतभेद थे। मेरे साथ खेला गया साइकोलॉजिकल गेम
पुनीत का आरोप है कि शादी के एक-दो महीने बाद से ही उनके साथ “साइकोलॉजिकल गेम” खेला जाने लगा था। उनका कहना है, “कुछ बातें साथ रहने पर ही समझ आती हैं, सिर्फ कुछ मुलाकातों या बातचीत से किसी व्यक्ति के स्वभाव को पूरी तरह नहीं समझा जा सकता। पुनीत ने तलाक के दबाव वाले आरोप को भी झूठा बताया। उन्होंने दावा किया, पहले पत्नी की ओर से ही म्यूचुअल डिवोर्स की बात आई थी। उन्होंने खुद कहा था कि आप डिवोर्स के पेपर तैयार करवा लीजिए, मैं उन पर हस्ताक्षर कर दूंगी। पुनीत के अनुसार, 13 सितंबर को उनकी पत्नी बिना किसी ठोस वजह के नाराज होकर घर छोड़कर चली गईं। पुलिस बोली- शिकायत मिली है जांच कर रहे इस मामले पर एसीपी खजराना, कुंदन मंडलोई ने बताया, “जनसुनवाई में एक शिकायत प्राप्त हुई है, जिसमें आवेदिका (इंदिरा भट्ट) ने शिकायत की है कि उनके पति पुनीत भट्ट द्वारा उनसे दहेज के रूप में एक फॉर्च्यूनर कार और करीब एक करोड़ रुपये की मांग की जा रही है। उनका आरोप है कि यह मांग पूरी न करने पर उन्हें साथ नहीं रखा जा रहा है। यह शिकायत मुख्य रूप से पुनीत भट्ट जी के खिलाफ है, जो मंदिर में पूजा-पाठ का कार्य करते हैं।” एसीपी ने यह भी पुष्टि की कि इससे पहले इसी महिला के खिलाफ खजराना थाने में मारपीट का आरोप लगाते हुए एक FIR दर्ज की गई थी, जो उनके पति के दत्तक पुत्र-वधू द्वारा दर्ज कराई गई थी।
खजराना मंदिर के पुजारी की बहू के गंभीर आरोप:दहेज के लिए घर में किया कैद, पति का पलटवार- पत्नी ही चाहती थी तलाक
