हरियाणा के वन मंत्री राव नरबीर सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद विभाग ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनमें वाइल्ड लाइफ डीएफओ राजेंद्र प्रसाद डांगी, टेरिटोरियल डीएफओ विशाल कौशिक और वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह शामिल हैं। इससे पहले इस मामले में वन दरोगा रघुविंद्र सिंह को भी सस्पेंड किया जा चुका था, जिन्हें एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार देर शाम को हुई समीक्षा बैठक में यह फैसला किया गया। सबसे पहले इंस्पेक्टर सुरजीत पर निलंबन की कार्रवाई हुई, उसके बाद डीएफओ राजेंद्र प्रसाद डांगी और अंत में डीएफओ विशाल कौशिक को सस्पेंशन लेटर जारी किया गया। सभी निलंबित अधिकारियों को जांच पूरी होने तक मुख्यालय क्षेत्र छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें विभागीय मुख्यालय में ही रहना होगा। कट गए हजारों पेड़ बता दें कि, पंचकूला के आसरेवाली संरक्षित वन क्षेत्र (वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी) से जुड़ा है, जहां खैर (कटच) के मूल्यवान पेड़ों की अवैध कटाई की गई। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साइलेंट कटर मशीनों से रातों-रात सैकड़ों से हजारों पेड़ काटे गए और लकड़ी को ऊंटों या अन्य तरीकों से बाहर ले जाया गया। खैर की लकड़ी काफी महंगी होती है, जिसके कारण माफिया सक्रिय रहता है। मामले की जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही है। एसआईटी ने अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें वन विभाग के अधिकारी और तस्कर शामिल हैं। वाइल्ड लाइफ के पास स्टाफ नहीं वन विभाग के वाइल्ड लाइफ विंग के पास स्टाफ की कमी है। वाइल्ड लाइफ में एक DFO के पास 5 जिलों का दायरा होता है। वहीं उसके बाद 5 इंस्पेक्टर व 6 गार्ड का स्टॉफ है। जिनके अंडर में चार सेंचूरी, एक नेशनल पार्क, 11 हजार एकड़ का संरक्षित जंगल, वल्चर ब्रीडिंग सेंटर का दायरा है। वहीं वन विभाग में इसे 5 DFO, 20 रेंज अफसर, 60 ब्लॉक अफसर, 120 गार्ड का स्टाफ संभाल रहा है।
पंचकूला खैर कांड में DFO समेत 3 अधिकारी सस्पेंड:चार अफसरों पर हो चुकी कार्रवाई, अरेस्ट किए जा चुके हैं 11 आरोपी
