गुरुग्राम क्लब ब्लास्ट केस में 9वें आरोपी के खिलाफ चार्जशीट:NIA ने पंचकुला स्पेशल कोर्ट में दाखिल की, विदेशी हैंडलर्स से मिले थे निर्देश

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गुरुग्राम में 2 क्लब में 2024 में हुए बम हमलों के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक और आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़ा है। रामदत्त नामक आरोपी को 9वां आरोपी बनाया गया है, जिसके खिलाफ पंचकूला स्थित विशेष एनआईए अदालत में पूरक चार्जशीट दाखिल की गई है। एनआईए की जांच में रामदत्त को कनाडा स्थित नामित आतंकी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ के करीबी सहयोगी रोहित गोदारा और विदेश स्थित गैंगस्टर रणदीप मलिक से जुड़ा पाया गया है। एजेंसी ने 2025 में गोल्डी बराड़ समेत 7 अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अब रामदत्त पर यूए(पी) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। बड़े आतंकी सिंडिकेट का हिस्सा था आरोपी जांच से पता चला है कि रामदत्त एक बड़े आतंकी सिंडिकेट का हिस्सा था और सिंडिकेट के सदस्यों के लिए प्रमुख सुविधाकर्ता के रूप में काम करता था। एनआईए ने पाया कि रामदत्त ने चंबल क्षेत्र के पास एक सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराया था, जहां चार्जशीटेड आरोपी छिपा हुआ था। 2 क्लबों पर विस्फोटक फेंका यह आरोपी गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित वेयरहाउस क्लब और ह्यूमन क्लब पर विस्फोटक फेंकने में शामिल था। 10 दिसंबर 2024 को इन दोनों क्लबों पर हमला हुआ था, जिसमें क्रूड बमों का इस्तेमाल किया गया। एनआईए ने घटना के तुरंत बाद जांच अपने हाथ में ली थी और विदेश स्थित आतंकी हैंडलर्स के निर्देशन में काम करने वाले ऑपरेटिव्स के व्यापक नेटवर्क का पर्दाफाश किया। बीकेआई के आतंकी एजेंडे का हिस्सा जांच में यह भी पता चला कि यह हमला बब्बर खालसा इंटरनेशनल यानि बीकेआई के आतंकी एजेंडे का हिस्सा था, जिसका मकसद क्षेत्र में अशांति फैलाना और बड़े पैमाने पर आतंक मचाना था। यह एक गहरी साजिश थी, जिसमें विदेशी हैंडलर्स, स्थानीय सुविधाकर्ता और गैंगस्टरों का जाल शामिल था। 8 आरोपियों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट एजेंसी ने पहले गोल्डी बराड़, सचिन तलियान, अंकित, भविष, रणदीप मलिक समेत अन्य आरोपियों को चार्जशीट किया था। इनमें से ज्यादातर को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि गोल्डी बराड़ और रणदीप मलिक विदेश में हैं। एनआईए अब भी जांच जारी रखे हुए है। एनआईए अब अन्य साजिशकर्ताओं की पहचान करना, वित्तीय चैनलों का पता लगाना और क्षेत्र में सक्रिय इस आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने में जुटी है। एनआईए के अधिकारियों का कहना है कि जांच में लगातार प्रगति हो रही है और जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है।