हरियाणा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय द्वारा पीजी बॉन्ड पॉलिसी को लेकर स्टेकहोल्डर मीटिंग का नोटिस जारी किया गया है, जो एमबीबीएस छात्रों के लिए हैरान करने वाला है। पिछले कई महीनों से यूजी बॉन्ड पॉलिसी से प्रभावित छात्र सरकार से इसके क्रियान्वयन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश और रोडमैप की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। ऐसे समय में जब यूजी बॉन्ड पॉलिसी के तहत पहला बैच MBBS पूरा कर चुका है और अपने भविष्य को लेकर असमंजस में है, सरकार द्वारा पीजी बॉन्ड पॉलिसी पर चर्चा शुरू करना नीति निर्माण की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है। एमबीबीएस के साढे 5 साल पूरे कर चुके हजारों छात्र आज भी नौकरी, करियर और अपने मूल दस्तावेज़ों को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। नहीं कर पा रहे आवेदन संघ लोक सेवा आयोग संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा (UPSC Combined Medical Services) के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसकी अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 है। लेकिन हरियाणा के कई एमबीबीएस छात्र आवेदन तक नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उनके आवश्यक मूल दस्तावेज़ अभी भी कॉलेजों की अभिरक्षा में हैं और उन्हें जारी नहीं किए जा रहे। पंजीकरण में आ रही बाधा इसी तरह हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज मेडिकल ऑफिसर परीक्षा पास करने वाले कई छात्रों को हरियाणा मेडिकल काउंसिल की स्थायी पंजीकरण प्रमाणपत्र जमा करने के लिए ई-मेल प्राप्त हुआ है। लेकिन आवश्यक दस्तावेज़ न मिलने के कारण वे पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
पीजी बॉन्ड पॉलिसी : DMER ऑफिस में मीटिंग आज:छात्र बोले-यूजी पॉलिसी पर क्लियर नहीं,नहीं कर पा रहे कहीं भी आवेदन
