EX मुस्लिम को 7 दिन बाद होश आया:डॉक्टरों ने कहा-शायद बोल न पाएं; मारे गए भाइयों के पिता बोले- फेक एनकाउंटर किया

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खुद को Ex मुस्लिम कहने वाले सलीम वास्तिक को हमले के 7 दिन बाद होश आया। मैक्स हॉस्पिटल के एडमिनिस्ट्रेशन ने बेटे उस्मान को एक वीडियो दिया है। 5 सेकेंड के इस विजुअल में सलीम वास्तिक बेड पर दिख रहे हैं। ऑक्सीजन लगी हुई है, गले पर टांके लगे दिख रहे हैं। डॉक्टर कहते हैं- सलीम…। वो (सलीम) आंख खोलकर देखते हैं। डॉक्टर कहते हैं- जीभ बाहर निकालो…। सलीम जीभ बाहर निकालते हैं। डॉक्टर कहते हैं- बढ़िया। परिवार को बताया गया है कि ऑपरेशन के बाद अब सलीम की स्थिति बहुत बेहतर है, दवाएं लगातार असर दिखा रही हैं। दूसरी तरफ, सलीम पर हमला करने वाले अमरोहा के भाई जीशान और गुलफाम के पिता कहते हैं- मेरे बेटों का एनकाउंटर किया, वो भी फेक। गलती की तो अरेस्ट करते, कोर्ट लेकर जाते। मेरी इतनी औकात नहीं कि सुप्रीम कोर्ट जाऊं। पुलिस अभी ये नहीं क्लियर कर सकी है कि सलीम वास्तिक पर हुए हमले के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है? यही वजह है कि पुलिस जीशान और गुलफाम के संपर्क में रहे सभी लोगों से पूछताछ कर रही है। अब पढ़िए सलीम के स्वास्थ्य को लेकर उनके बेटे क्या कहते हैं… बेटे बोले- पापा रिएक्ट कर रहे, बोल सकेंगे या नहीं, ये पता नहीं
बता दें कि यूट्यूबर सलीम वास्तिक का दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। वो इस वक्त ICU में हैं। हॉस्पिटल में सलीम के बेटे उस्मान और रिश्तेदार मौजूद हैं। उस्मान कहते हैं- पहले जीटीबी हॉस्पिटल और अब मैक्स हॉस्पिटल में पापा की स्थिति सीरियस बनी हुई थी। वो अभी तक होश में नहीं थे। 27 फरवरी को हमला होने के बाद पहली बार आज यानी 5 मार्च को उन्हें होश आया है, हमें तो अंदर जाने नहीं दिया जाता है। डॉक्टर ने बताया कि सलीम सुनकर रिएक्ट कर पा रहे हैं, अभी बोलने की स्थिति में नहीं हैं। वो आगे बोल सकेंगे या नहीं, ये अभी डॉक्टर ने क्लियर नहीं किया है। डॉक्टर ये भी कह रहे हैं कि दवाएं असर दिखा रही हैं। उनकी हालत लगातार बेहतर हो रही है। चाकू लगने से जो लिवर डैमेज हुआ है, उसको भी दवाओं से रिकवर करने का प्रयास चल रहा है। हालांकि, डॉक्टर ने यह भी कहा कि जख्म बहुत गहरे हैं और पूरी तरह ठीक होने मे काफी समय लग सकता है। पत्नी को सुरक्षित जगह शिफ्ट किया, हॉस्पिटल के बाहर पुलिस वैन
सलीम वास्तिक ने अपनी पत्नी और बेटे को खुद से दूर अशोक विहार (दिल्ली) में रखा था। अशोक विहार में वो कहां रहते हैं? सुरक्षा के चलते पुलिस ये उजागर नहीं कर रही है। पत्नी को पुलिस ने एक सुरक्षित जगह पर शिफ्ट कर दिया है। बेटे उस्मान को भी लोकल पुलिस के नंबर दिए गए हैं कि कहीं भी खतरा लगने पर कॉल करके मदद बुला लें। दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल के बाहर भी एक क्यूआरटी पुलिस वैन रखी गई है। गाजियाबाद के पुलिस अफसर मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टर्स के संपर्क में हैं। सलीम के इलाज के खर्च के लिए मदद का इंतजार
सलीम वास्तिक के परिजन के मुताबिक, सलीम वास्तिक के पूरे इलाज पर 50 लाख रुपए खर्च होने हैं। अभी तक जो जमा पूंजी थी और जो लोगों ने मदद भेजी थी, उससे ही खर्च चल रहा था। 5 मार्च को हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी भी मैक्स हॉस्पिटल पहुंचे थे। उन्होंने कहा- पूरा हिंदू समाज सलीम के साथ खड़ा है, अब तक हम लोग 4-5 लाख रुपए की मदद कर चुके हैं। पूरे इलाज पर 50 लाख खर्च होने का अंदेशा है। सुरक्षा के लिए हम लोग हॉस्पिटल के आसपास निगाह बनाए हुए हैं। जब सलीम ठीक हो जाएंगे, तब उन्हें अपने पास रखेंगे। उन्हें घर नहीं जाने देंगे। अमरोहा में पिता का गुस्सा बोले- मैं कोई भिखारी नहीं, खुद कमाऊंगा, पोते को पाल लूंगा
वहीं, अमरोहा के दोनों भाई जीशान और गुलफाम का एनकाउंटर होने के बाद उनके पिता बुनियाद अली का गुस्सा भी सामने आया। उन्होंने कहा- मेरे बेटे दोषी थे, तो उसको अरेस्ट करते, कोर्ट में पेश करते। ये क्या है कि एनकाउंटर कर दिया। वो भी फेक…। हमारी सरकार से कोई मांग नहीं है, हम कोई भिखारी नहीं हैं। अभी दो पोते हैं, आगे कमाऊंगा, उनका पेट भरूंगा। अब कहा जाऊंगा, मेरी इतनी औकात नहीं है कि मैं इंसाफ के लिए सुप्रीम कोर्ट जाऊं। वह कहते हैं- जीशान सबसे छोटा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। वो धार्मिक वीडियो बनाने और शायरी का शौकिन था, मैं इतना पढ़ा लिखा नहीं हूं कि जान सकूं कि इसमें गलत क्या हो रहा है। सलीम पर हमला करने वाले जीशान और गुलफाम को जानिए गुलफाम. जीशान. अब सलीम पर हमले की CCTV देखिए पाकिस्तानी यूट्यूबर ने हमले के लिए उकसाया
जीशान एक यूट्यूब चैनल चलाता था। पाकिस्तानी यूट्यूबर के कहने पर जीशान ने भाई के साथ मिलकर सलीम पर जानलेवा हमला किया था। दोनों भाई एक कट्टरपंथी संगठन के टेलीग्राम ग्रुप पर जुड़े थे। इस ग्रुप पर 18,200 मेंबर जुड़े हुए हैं। टेलीग्राम ग्रुप पर कबूला- सलीम को हॉस्पिटल पहुंचाया
सलीम पर हमले के बाद टेलीग्राम ग्रुप पर सलीम की फोटो पोस्ट करके लिखा- सलीम Ex मुस्लिम को अस्पताल पहुंचा दिया गया है, वीडियो चाहिए? इसके बाद सीएम योगी ने सबक सिखाने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने जीशान और गुलफाम पर 1-1 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। दोनों का एनकाउंटर हो चुका है। 17 फरवरी को अमरोहा से आए, 18 से सलीम पर नजर रखने लगे
सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी हैं। जीशान और गुलफाम पिछले 10 दिन यानी 18 फरवरी से सलीम की मूवमेंट पर निगाह बनाए हुए थे। इस दौरान उन्होंने 3 बार हमले का प्रयास किया, लेकिन हर बार असफल हो जाते थे। क्योंकि हर बार सलीम के साथ कोई न कोई व्यक्ति उनके ऑफिस में बैठा होता था। इसलिए वो हमला नहीं कर सके। 27 फरवरी को जब सलीम नमाज पढ़कर आए और ऑफिस में अकेले थे, तब जीशान और गुलफाम अपने मंसूबों में कामयाब हो गए। 17 को परिवार से मिला, वीडियो पोस्ट किया
सिर्फ इतना नहीं, जीशान को हमले के बाद उसके साथ क्या हो सकता है? ये पहले से पता था, इसलिए वह 17 फरवरी को आखिरी बार अपने माता-पिता से मिलकर गांव से निकला और इस दिन उसने अपना आखिरी वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया था। इस वीडियो में वह एक आटो में बैठा हुआ दिखाई दे रहा है, बैकग्राउंड में गजल की लाइनें चल रही हैं। शौक को आजिम-ए-सफर रखिए, बे-खबर बन के सब खबर रखिए, जाने किस वक्त कूच करना हो, अपना सामान मुख्तसर रखिए। इसके अगले दिन यानी 18 फरवरी से जीशान और गुलफाम सलीम के मूवमेंट पर नजर रखने लगे थे। गोल टोपी से हुई गुलफाम की पहचान
ADCP पीयूष कुमार सिंह ने बताया- गुलफाम से 32 बोर की एक पिस्टल, 2 कारतूस, एक बगैर नंबर की KTM बाइक, एक मोबाइल, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पिट्ठू बैग मिला था। उन्होंने बताया कि गोल टोपी लगाए गुलफाम CCTV से मैच हुआ था। उसके बैग में स्वेटर, एक अन्य गोल टोपी, जैकेट और मोबाइल चार्जर मिला था। 27 फरवरी को दोनों भाइयों ने सलीम वास्तिक पर चाकू से हमला किया था। सलीम ने लोहे की छड़ी से अपना बचाव किया था। इस दौरान गुलफाम का दायां हाथ जख्मी हो गया था, जिसका इलाज गुलफाम ने गुरुग्राम के एक हॉस्पिटल में कराया था। उसके दायें हाथ में टांके लगे मिले थे। पुलिस जांच में सामने आया कि हमले के वक्त इस्तेमाल बाइक जीशान के मामा राशिद की थी। जिसको जीशान ही चलाता था। 2 पॉइंट में पढ़िए जीशान और गुलफाम के एनकाउंटर की कहानी… DCP पीयूष सिंह ने बताया- रविवार रात लोनी थाना प्रभारी नितिन चौधरी, देहात स्वाट टीम ने 2 संदिग्धों को बाइक पर आते हुए देखा। उन्हें रोकने का प्रयास किया तो दोनों ने पिस्टल से पुलिस पर फायरिंग कर दी। करीब 15 मिनट तक 25 से 30 राउंड फायरिंग हुई। एक गोली बदमाश को लगी। पूछताछ में बताया- उसने ही सलीम पर हमला किया था। फरार साथी उसका बड़ा भाई गुलफाम है। घायल जीशान को पुलिस अस्पताल ले गई। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके 48 घंटे बाद गुलफाम के थाना इंदिरापुरम क्षेत्र में होने की सूचना मिली। वसुंधरा बिजलीघर के सामने घेराबंदी की गई। रात में एक बाइक आती दिखी। बाइक पर दो लोग सवार थे। रुकने को कहने पर बाइक दाईं ओर मोड़ दी। स्वाट टीम ने पीछा किया। मिट्टी के टीले की वजह से बदमाशों की बाइक फिसल गई, वो गिर गए। पुलिस को आते देख फायरिंग करने लगे। जवाबी फायरिंग में एक गोली गुलफाम को लगी। घायल गुलफाम को अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अब पूरी घटना को समझ लेते हैं… यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक (50) दिल्ली के अशोक विहार कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। गाजियाबाद के लोनी इलाके में उनका एक और घर है। वहां से सलीम अपना ऑफिस चलाते हैं। उनके बेटे उस्मान ने बताया कि पापा 27 फरवरी को सुबह 9 बजे ऑफिस में अकेले बैठे थे। तभी 2 युवक हेलमेट पहनकर आए और हमला कर दिया। अंदर घुसते ही ताबड़तोड़ चाकू मारे। उस्मान ने बताया- पिता घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। उनके शरीर से खून बहने लगा। इसी बीच दोनों बदमाश भाग गए। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। सलीम को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) रेफर कर दिया गया। उनकी हालत गंभीर बनी है। बेटे उस्मान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें अशफाक, सोनू, शाहरुख नेता, भाटी बिल्डर और एक स्थानीय AIMIM नेता अजगर को नामजद किया था। FIR में 2 अज्ञात लोगों का जिक्र था। आरोप था कि इन लोगों ने ही उसके पिता सलीम की हत्या की साजिश रची थी। यूट्यूबर के बारे में भी जान लीजिए… सलीम के यूट्यूब चैनल पर करीब 30 हजार सब्सक्राइबर हैं। 2.2 मिलियन से ज्यादा व्यूज हैं। सलीम अब तक 180 से ज्यादा वीडियो पोस्ट कर चुके हैं। चैनल के बायो में उन्होंने लिखा है- मैं एक पूर्व-मुस्लिम हूं, जिसने वर्षों तक इस्लामी विचारधारा को समझने, परखने के बाद तर्क और प्रमाण के रास्ते पर चलने का निर्णय लिया। यह मंच उन सभी के लिए है, जो सवाल पूछने से नहीं डरते। चाहे वह भगवान के अस्तित्व से जुड़ा हो, इस्लामी ग्रंथों की प्रामाणिकता से या फिर इस्लामी संस्थाओं के सामाजिक प्रभाव से। आखिरी वीडियो हमले से एक दिन पहले यानी 26 फरवरी को अपलोड किया गया। सब्जेक्ट था- “नास्तिक होना क्या है?” वीडियो को अब तक करीब 13 हजार लोग देख चुके हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें – कौन हैं सलीम, जिनके लिए योगी बोले- हमलावरों को बख्शेंगे नहीं:खुद को EX मुस्लिम लिखा, मजहबी कट्‌टरपंथियों ने कई बार धमकी दी गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला किया गया। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन हुआ है। अब सवाल उठ रहे हैं कि यूट्यूबर को जान से मारने की कोशिश आखिर हुई क्यों? सलीम वास्तिक की पहचान तीन तलाक, हलाला जैसे इस्लामिक रिवाजों पर सवाल उठाने से बनी थी। उन्होंने इस्लाम को ‘विदेशी मजहब’ करार दिया था। रिपोर्ट पढ़िए…