1 मार्च से आधिकारिक रूप से ठंड का सीजन खत्म माना जाता है, गर्मी दस्तक देने लगती। इस बार मार्च की शुरुआत के साथ ही मौसम को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, इस साल मार्च अब तक के सबसे गर्म महीनों में शामिल हो सकता है। उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की संभावना जताई गई है। 2025 में मार्च महीने में कई जिलों में तापमान 35 से 38 डिग्री तक गया था। इस बार इससे भी 3-4 डिग्री ज्यादा रह सकता है। ऐसे में बड़ा सवाल है मार्च का मौसम कैसा रहेगा? गर्मी कितनी बढ़ेगी? इसका कितना असर फसलों पर पड़ेगा? इस रिपोर्ट में पढ़िए… अब तक कैसा रहा मौसम नोएडा स्थित स्काईमेट वेदर के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत बताते हैं- यूपी में 2 साल के मुकाबले इस बार कम ठंड रही। दिसंबर-जनवरी में औसत अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहे। इस बार एक्सट्रीम ठंड देखने को नहीं मिली। ला-नीना एक्टिव नहीं होने की वजह से ठंड ज्यादा नहीं पड़ सकी। लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश भी यही बताते हैं। कहते हैं- इस बार प्रदेश में सर्दियों के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) की सक्रियता भी कम रही। इससे ठंड के सीजन में बारिश भी सामान्य से कम हुई। मार्च में कैसा रहेगा मौसम मार्च के पहले हफ्ते से ही बदल जाएगा मौसम
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव कहते हैं- मार्च के पहले हफ्ते से मौसम पूरी तरह बदलने लगेगा। गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। दिन और रात, दोनों के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। मार्च के आखिरी हफ्ते तक यूपी के कई जिलों में अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम को लेकर IMD की चेतावनी मार्च में कैसी रहेगी बारिश की स्थिति मौसम विभाग के मुताबिक, मार्च 2026 में पूरे देश में औसतन सामान्य बारिश होने की संभावना है। यानी मार्च महीने में देश में औसतन करीब 30 मिमी बारिश होती है। इस बार भी बारिश इसी के आसपास रहने की उम्मीद है। हालांकि, सभी जगह एक जैसा मौसम नहीं रहेगा। देश के कई हिस्सों में सामान्य या उससे थोड़ी ज्यादा बारिश हो सकती है। लेकिन, पूर्वोत्तर भारत और उत्तर-पश्चिम व पूर्व-मध्य भारत के कुछ इलाकों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। कुछ ऐसे इलाके भी हैं, जहां मार्च में वैसे भी बहुत कम बारिश होती है। इसलिए वहां ज्यादा बदलाव नहीं दिखेगा। फरवरी में सामान्य से ज्यादा रहा तापमान
वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश के अनुसार, यूपी में फरवरी- 2026 में सबसे गर्म दिन के दौरान अधिकतम तापमान लगभग 29-31 डिग्री या उससे ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य फरवरी के तापमान से काफी अधिक था। कानपुर में 23 फरवरी को पारा करीब 29.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसे इस सीजन का सबसे गर्म दिन बताया गया है। यह तापमान उस समय के लिए रिकॉर्ड रहा, क्योंकि फरवरी में आमतौर पर इतना हाई टेंपरेचर नहीं दर्ज होता। इसी तरह 24 फरवरी को वाराणसी में अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो बहुत ज्यादा रहा। मौसम विभाग ने जताई फसलों को लेकर चिंता फसलों के लिए कैसा रहेगा मार्च? बीएचयू के कृषि वैज्ञानिक प्रोफेसर पीके सिंह के अनुसार, मार्च का महीना रबी की फसल (गेहूं, जौ, चना, मटर) के लिए जरूरी समय माना जाता है। लेकिन, इस बार सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ने की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पीके सिंह कहते हैं- मौसम विभाग के अनुसार, तापमान औसत से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है। इसका सीधा असर फसलों पर पड़ने की आशंका है। गेहूं इस समय दाना बनने और पकने की अवस्था में है। अगर तापमान तेजी से बढ़ता है, तो दाने पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते। इससे उत्पादन घट सकता है। समय से पहले तेज गर्मी पड़ने पर फसल जल्दी पक जाती है और दानों का आकार छोटा रह जाता है। सरसों की फसल भी अंतिम चरण में है। चना और अन्य दलहनी फसलों पर भी गर्मी का प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। —————————- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में गर्मी रिकॉर्ड तोड़ेगी, 45 डिग्री तक जाएगा पारा, फरवरी में ही असर दिखा, जानिए 2026 में कैसा रहेगा मौसम अभी फरवरी का आधा महीना भी नहीं हुआ है। यूपी में गर्मी ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। सुबह-शाम हल्की ठंड जरूर है, लेकिन दोपहर की धूप चुभने लगी है। बीते ठंड के मौसम में यूपी समेत पूरे उत्तर भारत में सर्दी ने लोगों को खूब परेशान किया। पढ़िए पूरी खबर…
पसीना छुटाएगा मार्च, 40 डिग्री पहुंच सकता है तापमान:यूपी में पिछली बार से ज्यादा पड़ेगी गर्मी, फसल पर भी असर
