होली पर 100 साल बाद चंद्र ग्रहण का साया, सूतक काल में कैसे होगा होलिका दहन? हरिद्वार के पंडित से जानें

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इस बार 100 साल बाद एक ऐसा संयोग बन रहा है. होलिका दहन और होली दोनों पर चंद्र ग्रहण का साया रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाएगा. सूतक काल में पूजा पाठ और धार्मिक कार्य निषेध है. ऐसे में होली की पूजा कैसे होगी, लोकन ने इस बारे में हरिद्वार के ज्योतिषाचार्य पंडित प्रतीक मिश्र से बात की. पंडित प्रतीक मिश्र बताते हैं कि होलिका दहन भद्रा विहीन काल में होता है यानी होलिका दहन, होली पूजन भद्रा और सूतक काल के समय में नहीं होता है क्योंकि महिलाएं बच्चों की दीर्घायु, सुख समृद्धि के लिए होली का पूजन करती हैं.