चुनाव आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में 7 अधिकारियों को सस्पेंड किया है। सभी पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गंभीर लापरवाही, कर्तव्य की अनदेखी और वैधानिक शक्तियों के दुरुपयोग का आरोप है।आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को निलंबित अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लेने के निर्देश भी दिए। आयोग ने कहा है कि वोटर लिस्ट जुड़ा काम बहुत संवेदनशील है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या अधिकारों के दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसी लापरवाही पर सख्त एक्शन जारी रहेगा। सस्पेंड किए अधिकारियों के नाम, पद सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल में फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश करने की डेडलाइन एक हफ्ते बढ़ाई सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई की थी। कोर्ट ने कहा था कि वह इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा था कि यह बात सभी राज्यों के लिए है। जरूरत पड़ने पर आदेश जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने बंगाल SIR की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश करने की तारीख 14 फरवरी से बढ़ाकर 21 फरवरी कर दी थी। पूरी खबर पढ़ें…
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के 7 अधिकारी सस्पेंड किए:SIR में लापरवाही-पावर के गलत उपयोग के आरोप; EC बोला- वोटर लिस्ट का काम संवेदनशील
